मुजफ्फरनगर में किसान की तीन बीघा गन्ने की फसल जोतकर नष्ट करने का आरोप, चार लोगों के खिलाफ एनसीआर दर्ज

मुजफ्फरनगर में किसान की तीन बीघा गन्ने की फसल जोतकर नष्ट करने का आरोप, चार लोगों के खिलाफ एनसीआर दर्ज

मुजफ्फरनगर। कोतवाली नगर क्षेत्र के गांव बहेड़ी में किसान की गन्ने की खड़ी फसल को कथित तौर पर जोतकर नष्ट करने का मामला सामने आया है। गांव निवासी किसान मोहम्मद सालिम ने गांव के ही चार लोगों पर करीब तीन बीघा खेत में खड़ी गन्ने की फसल को बर्बाद करने का आरोप लगाया है। किसान के मुताबिक, सत्ताईस जुलाई दो हजार छब्बीस की सुबह जब वह अपने खेत पर पहुंचा तो फसल उजड़ी हुई मिली। घटना के बाद किसान ने पुलिस को लिखित शिकायत देकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने तहरीर के आधार पर एनसीआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

सुबह खेत पर पहुंचा तो उजड़ी मिली फसल

गांव बहेड़ी निवासी मोहम्मद सालिम ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसका खेत खसरा संख्या दो सौ पंद्रह में स्थित है। उसके खेत में करीब तीन बीघा भूमि पर गन्ने की फसल खड़ी थी। किसान के अनुसार, सत्ताईस जुलाई की सुबह जब वह अपने खेत पर पहुंचा तो फसल पूरी तरह नष्ट अवस्था में मिली।

आरोप है कि रात के समय किसी ट्रैक्टर या अन्य साधन से खेत को जोतकर गन्ने की खड़ी फसल नष्ट कर दी गई। सुबह खेत की स्थिति देखकर किसान को काफी नुकसान होने की आशंका हुई। इसके बाद उसने आसपास के लोगों से जानकारी जुटाने का प्रयास किया और मामले की शिकायत पुलिस से की।

किसान का कहना है कि गन्ने की फसल तैयार करने के लिए जुताई, बीज, खाद, सिंचाई और अन्य कृषि कार्यों पर काफी खर्च करना पड़ता है। ऐसे में खड़ी फसल नष्ट होने से उसे आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। हालांकि, नुकसान की वास्तविक राशि का आकलन अभी सामने नहीं आया है।

गांव के चार लोगों पर लगाया आरोप

मोहम्मद सालिम ने अपनी शिकायत में गांव के ही मुरसलीन और साबिर पुत्रगण अब्दुल कय्यूम तथा शमशाद और अबरू हसन पुत्रगण हकीम को नामजद करते हुए फसल नष्ट करने का आरोप लगाया है।

किसान का आरोप है कि उसकी फसल को जानबूझकर नुकसान पहुंचाया गया। उसने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच कराने और आरोपियों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।

फसल नष्ट होने की घटना से किसान को आर्थिक नुकसान की चिंता सता रही है। गन्ना किसानों के लिए खड़ी फसल उनकी आय का महत्वपूर्ण स्रोत होती है। ऐसे में फसल बर्बाद होने की स्थिति में किसान को आगामी उपज और उससे होने वाली आमदनी पर भी असर पड़ने की आशंका रहती है।

हालांकि, घटना में किसकी भूमिका रही और फसल किन परिस्थितियों में नष्ट हुई, इसकी पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी। शिकायत में लगाए गए आरोपों पर संबंधित पक्षों का जवाब सामने नहीं आया है।

कोतवाली नगर में एनसीआर दर्ज

पीड़ित किसान की लिखित तहरीर के आधार पर कोतवाली नगर थाने में एनसीआर संख्या शून्य शून्य छह बटा दो हजार छब्बीस दर्ज की गई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, दर्ज एनसीआर में भारतीय न्याय संहिता की धारा तीन सौ चौबीस की उपधारा चार का उल्लेख किया गया है।

पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है। जांच के दौरान घटना से जुड़े तथ्यों और किसान की ओर से लगाए गए आरोपों की पड़ताल की जाएगी। फिलहाल, फसल नष्ट करने के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और मामले में आगे की कार्रवाई पुलिस जांच के निष्कर्षों पर निर्भर करेगी।

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