मुजफ्फरनगर। जनपद में बिजली के ट्रांसफार्मरों से कॉइल और कीमती तांबा चोरी करने वाले गिरोह के खिलाफ मुजफ्फरनगर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। एसएसपी सूरज कुमार राय के निर्देशन में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन लंगड़ा के तहत नगर कोतवाली पुलिस की बदमाशों से मुठभेड़ हो गई। पुलिस की जवाबी फायरिंग में शातिर बदमाश शाहनवाज पैर में गोली लगने से घायल हो गया, जबकि पुलिस ने घेराबंदी और कॉम्बिंग अभियान चलाकर उसके दो अन्य साथियों को भी गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में एक ऐसा अपराधी भी शामिल है, जिसके खिलाफ अलग-अलग मामलों में 25 मुकदमे दर्ज हैं। वहीं, मुठभेड़ में घायल शाहनवाज महज चार दिन पहले ही जेल से छूटकर बाहर आया था। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से ट्रांसफार्मर की कॉइल, तांबे के बंडल, एक ई-रिक्शा, 315 बोर का तमंचा, खोखा कारतूस और जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। पुलिस का दावा है कि गिरोह के सदस्यों से पूछताछ में ट्रांसफार्मर चोरी की कई वारदातों का खुलासा हुआ है।

पानीपत-खटीमा मार्ग पर चेकिंग के दौरान बदमाशों से मुठभेड़
सीओ सिटी सिद्धार्थ के. मिश्रा ने बताया कि शहर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक बृजेश कुमार शर्मा के नेतृत्व में पुलिस टीम पानीपत-खटीमा मार्ग पर संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की चेकिंग कर रही थी। पुलिस टीम क्षेत्र में आपराधिक गतिविधियों पर नजर रखते हुए वाहनों की जांच कर रही थी। इसी दौरान पुलिस का सामना संदिग्ध बदमाशों से हो गया।

पुलिस के अनुसार बदमाशों ने पुलिस टीम को देखते ही फायरिंग शुरू कर दी। अचानक हुई फायरिंग से पुलिसकर्मियों में अफरा-तफरी मच गई, लेकिन टीम ने मोर्चा संभालते हुए आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की। इस दौरान एक गोली बदमाश शाहनवाज के पैर में जा लगी, जिससे वह घायल होकर गिर पड़ा। पुलिस ने तत्काल उसे गिरफ्तार कर उपचार के लिए अस्पताल भिजवा दिया।
घेराबंदी और कॉम्बिंग अभियान में दो अन्य बदमाश गिरफ्तार
मुठभेड़ के दौरान गिरोह के अन्य सदस्य मौके से भागने का प्रयास करने लगे। इस पर पुलिस टीम ने आसपास के इलाके की घेराबंदी कर दी और फरार बदमाशों की तलाश में कॉम्बिंग अभियान चलाया। काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने दो अन्य आरोपियों ताहिर और आरिश को भी गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के मुताबिक तीनों आरोपी ट्रांसफार्मर चोरी करने वाले गिरोह से जुड़े हुए हैं। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि गिरोह के सदस्य बिजली के ट्रांसफार्मरों को निशाना बनाकर उनमें लगी कॉइल और कीमती तांबा चोरी करते थे। चोरी किए गए सामान को ई-रिक्शा के माध्यम से एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाया जाता था। पुलिस अब बरामद सामान और आरोपियों के आपराधिक नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
ताहिर पर 25 मुकदमे, शाहनवाज चार दिन पहले ही जेल से आया था बाहर
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में ताहिर पुत्र यासीन निवासी जैन नगर, खतौली, हाल निवासी न्याजीपुरा शामिल है। ताहिर का आपराधिक इतिहास काफी लंबा बताया गया है। उसके खिलाफ विभिन्न आपराधिक मामलों में कुल 25 मुकदमे दर्ज हैं।
दूसरे आरोपी की पहचान शाहनवाज पुत्र रफीक उर्फ भूरा निवासी मोहल्ला चमारान, खादरवाला के रूप में हुई है। उसके खिलाफ दो मुकदमे दर्ज बताए गए हैं। पुलिस के मुताबिक शाहनवाज चार दिन पहले ही जेल से छूटकर बाहर आया था। जेल से बाहर आने के कुछ ही दिन बाद वह फिर पुलिस कार्रवाई की चपेट में आ गया। मुठभेड़ के दौरान उसके पैर में गोली लगी है और उसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
तीसरे आरोपी की पहचान आरिश पुत्र जिंदा निवासी मोहल्ला चमारान, खादरवाला, थाना खालापार के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार आरिश के खिलाफ भी एक मुकदमा दर्ज है। पुलिस तीनों आरोपियों से पूछताछ कर उनके आपराधिक नेटवर्क और अन्य वारदातों के बारे में जानकारी जुटा रही है।
ट्रांसफार्मर की कॉइल, तांबे के बंडल और ई-रिक्शा बरामद
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से चोरी से संबंधित महत्वपूर्ण सामान बरामद किया है। बरामदगी में एक ई-रिक्शा, तांबे के बंडल, ट्रांसफार्मर की कॉइल, 315 बोर का एक तमंचा, एक खोखा कारतूस और एक जिंदा कारतूस शामिल है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार गिरोह के सदस्य बिजली के ट्रांसफार्मरों से कॉइल और तांबा निकालकर चोरी करते थे। इसके बाद चोरी के माल को ठिकाने लगाने के लिए उसका परिवहन किया जाता था। बरामद ई-रिक्शा का इस्तेमाल भी चोरी के सामान को ले जाने में किए जाने की आशंका है। पुलिस बरामदगी के आधार पर चोरी की घटनाओं से आरोपियों के संबंधों की जांच कर रही है।
पूछताछ में ट्रांसफार्मर चोरी की कई वारदातों का खुलासा
पुलिस का दावा है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के दौरान ट्रांसफार्मर चोरी की कई घटनाओं से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। पुलिस अब उन स्थानों की जानकारी जुटा रही है, जहां गिरोह ने ट्रांसफार्मरों को निशाना बनाया था। इसके साथ ही चोरी किए गए तांबे और कॉइल को कहां बेचा जाता था तथा इस कारोबार में कौन-कौन लोग शामिल हैं, इसकी भी पड़ताल की जा रही है।
पुलिस को आशंका है कि गिरोह की गतिविधियां मुजफ्फरनगर के अलावा आसपास के जनपदों तक भी फैली हो सकती हैं। इसी आधार पर आरोपियों से पूछताछ कर अन्य संभावित साथियों की तलाश की जा रही है।
बृजेश कुमार शर्मा के नेतृत्व में पुलिस टीम को मिली सफलता
इस पूरी कार्रवाई को शहर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक बृजेश कुमार शर्मा के नेतृत्व में अंजाम दिया गया। पुलिस टीम में उपनिरीक्षक मिलन चौधरी, नवीन कुमार और हिमांशु शर्मा के अलावा कांस्टेबल रवि कुमार, कोहल कुमार, राजू, रोहन, अश्वनी, राशिद अली और सुधीर शामिल रहे।
सीओ सिटी सिद्धार्थ के. मिश्रा ने कार्रवाई की जानकारी देते हुए बताया कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और ट्रांसफार्मर चोरी की अन्य घटनाओं का पता लगाया जा रहा है। एसएसपी सूरज कुमार राय के निर्देशन में ऑपरेशन लंगड़ा के तहत की गई इस कार्रवाई को ट्रांसफार्मर चोरी करने वाले गिरोह के खिलाफ महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जनपद में चोरी, लूट और अन्य आपराधिक गतिविधियों में शामिल अपराधियों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।

