मुजफ्फरनगर। जनपद में अपराध और अपराधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए मुजफ्फरनगर पुलिस ने निगरानी और सत्यापन अभियान तेज कर दिया है। आपराधिक गतिविधियों की पुनरावृत्ति रोकने के उद्देश्य से चलाए जा रहे विशेष अभियान ऑपरेशन चक्रवात के तहत पुलिस ने नगर जोन के तीन थानों में बड़ी कार्रवाई करते हुए पूर्व में आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त रहे 182 व्यक्तियों का सत्यापन किया। इस दौरान सभी को संबंधित थानों पर बुलाकर उनकी वर्तमान गतिविधियों, निवास और अन्य आवश्यक जानकारियां जुटाई गईं। पुलिस ने यक्ष एप पर सभी का डोजियर तैयार कर उनका डिजिटल डाटाबेस भी बनाया। इसके साथ ही सभी को भविष्य में किसी भी आपराधिक गतिविधि में शामिल नहीं होने की सख्त हिदायत दी गई। पुलिस अधिकारियों ने उन्हें कानून का पालन करने और समाज में एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में जीवन व्यतीत करने की शपथ भी दिलाई।

एसएसपी सूरज कुमार राय के निर्देशन में चल रहा अभियान
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सूरज कुमार राय के निर्देशन और पुलिस अधीक्षक नगर अमृत जैन के नेतृत्व में नगर जोन में ऑपरेशन चक्रवात संचालित किया जा रहा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य केवल अपराध होने के बाद अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करना नहीं, बल्कि पहले से आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त रहे व्यक्तियों की वर्तमान गतिविधियों पर नजर रखकर संभावित अपराधों को समय रहते रोकना है।

पुलिस की रणनीति के तहत ऐसे व्यक्तियों को चिह्नित किया जा रहा है, जिनका पूर्व में आपराधिक गतिविधियों से संबंध रहा है। उनका सत्यापन कर वर्तमान स्थिति की जानकारी पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज की जा रही है, ताकि भविष्य में किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिलने पर तत्काल आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
चरथावल, खालापार और मंसूरपुर में 182 लोगों का सत्यापन
ऑपरेशन चक्रवात के तहत तीन नवंबर को नगर जोन के थाना चरथावल, थाना खालापार और थाना मंसूरपुर में विशेष सत्यापन अभियान चलाया गया। इस दौरान तीनों थानों पर पूर्व में आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त रहे कुल 182 व्यक्तियों को बुलाया गया।
पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने सभी व्यक्तियों से पूछताछ कर उनकी वर्तमान गतिविधियों और अन्य आवश्यक जानकारियां जुटाईं। सत्यापन के दौरान उनके वर्तमान हालात और उपलब्ध विवरण को पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज किया गया। इसके बाद यक्ष एप के माध्यम से प्रत्येक व्यक्ति का डोजियर तैयार किया गया।
पुलिस द्वारा तैयार किए गए इस डिजिटल डाटाबेस का उद्देश्य पूर्व में आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहे व्यक्तियों से संबंधित जानकारियों को व्यवस्थित रखना है, जिससे जरूरत पड़ने पर पुलिस को उनके बारे में जानकारी जुटाने में आसानी हो सके।
यक्ष एप पर तैयार किया गया डिजिटल डोजियर
अभियान के दौरान पुलिस ने तकनीक का इस्तेमाल करते हुए सभी 182 व्यक्तियों का विवरण यक्ष एप पर दर्ज किया। प्रत्येक व्यक्ति से संबंधित आवश्यक जानकारियां जुटाकर उसका डोजियर तैयार किया गया। पुलिस इस व्यवस्था के माध्यम से पूर्व में आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त रहे लोगों का रिकॉर्ड व्यवस्थित कर रही है।
इससे पुलिस को संबंधित व्यक्तियों की गतिविधियों पर निगरानी रखने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलने पर समय रहते कार्रवाई करने में मदद मिलेगी। अभियान के तहत तैयार किया जा रहा डाटाबेस अपराध नियंत्रण और प्रभावी पुलिसिंग की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
अपराध से दूर रहने और कानून का पालन करने की दिलाई शपथ
सत्यापन अभियान के दौरान पुलिस ने केवल जानकारियां जुटाने तक कार्रवाई सीमित नहीं रखी, बल्कि सभी 182 व्यक्तियों को भविष्य में अपराध से दूर रहने की शपथ भी दिलाई। पुलिस अधिकारियों ने उन्हें स्पष्ट रूप से समझाया कि किसी भी गैरकानूनी गतिविधि में शामिल होने से उनका भविष्य प्रभावित हो सकता है।
सभी को कानून एवं नियमों का पालन करने, सामाजिक शांति बनाए रखने और एक अच्छे तथा जिम्मेदार नागरिक के रूप में जीवन व्यतीत करने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही चेतावनी दी गई कि भविष्य में किसी भी आपराधिक गतिविधि में संलिप्तता सामने आने पर नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अपराध की पुनरावृत्ति रोकना पुलिस का मुख्य उद्देश्य
मुजफ्फरनगर पुलिस के अनुसार ऑपरेशन चक्रवात का उद्देश्य पुराने अपराधियों का व्यवस्थित रिकॉर्ड तैयार करने के साथ उनकी गतिविधियों पर प्रभावी निगरानी रखना है। पुलिस चाहती है कि पूर्व में अपराधों में संलिप्त रहे व्यक्ति दोबारा आपराधिक गतिविधियों में शामिल न हों और समाज की मुख्यधारा से जुड़कर सामान्य जीवन व्यतीत करें।
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि अपराध नियंत्रण के लिए केवल घटनाओं के बाद कार्रवाई करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि संभावित अपराधों को रोकने के लिए निरंतर सत्यापन, निगरानी और प्रभावी पुलिसिंग भी जरूरी है। इसी रणनीति के तहत नगर जोन में ऑपरेशन चक्रवात को आगे भी जारी रखा जाएगा।
इस अभियान के माध्यम से पुलिस ने स्पष्ट संदेश दिया है कि जनपद में अपराध और अपराधियों पर अंकुश लगाने के लिए निगरानी व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। वहीं, पूर्व में आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहे लोगों को भी चेतावनी दी गई है कि वे अपराध का रास्ता छोड़कर कानून का पालन करते हुए सामान्य और जिम्मेदार नागरिक की तरह जीवन व्यतीत करें।

