मुजफ्फरनगर। सावन के पावन महीने में कांवड़ यात्रा के दौरान शिवभक्तों की आस्था के अलग-अलग रंग देखने को मिल रहे हैं। कोई भव्य झांकी के साथ कांवड़ लेकर पहुंच रहा है तो कोई अपनी मनोकामना को अनोखे अंदाज में भगवान शिव के चरणों में समर्पित कर रहा है। मुजफ्फरनगर में ऐसी ही एक अनोखी बुलडोजर कांवड़ इन दिनों लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। हरिद्वार से गंगाजल लेकर पहुंचे 16 शिवभक्त अपने साथ बुलडोजर को कांवड़ के रूप में लेकर आए हैं।

शिवभक्तों के मुताबिक यह उनकी चौथी बुलडोजर कांवड़ है। इस बार वह 61 लीटर गंगाजल लेकर निकले हैं, जिसे वह ओघड़नाथ मंदिर में भगवान शिव का जलाभिषेक करने के लिए चढ़ाएंगे। कांवड़ के साथ चल रहे शिवभक्तों का कहना है कि इस यात्रा के पीछे उनकी एक खास मनोकामना भी है। वह चाहते हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ देश के प्रधानमंत्री बनें।

बुलडोजर कांवड़ को देखने के लिए रास्ते में लोगों की भीड़ जुट रही है। कांवड़ यात्रा में शामिल 16 शिवभक्त हरिद्वार से गंगाजल लेकर मुजफ्फरनगर पहुंचे हैं। बुलडोजर को कांवड़ के रूप में सजाकर यात्रा में शामिल किया गया है। शिवभक्तों के मुताबिक उनके पास बुलडोजर ही उपलब्ध था और बाबा को बुलडोजर पसंद है, इसलिए उन्होंने बुलडोजर को ही कांवड़ का स्वरूप दे दिया।
शिवभक्त सुनील कुमार ने बताया कि वह हरिद्वार से गंगाजल लेकर ओघड़नाथ मंदिर की ओर जा रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कामकाज की तारीफ करते हुए कहा कि उन्हें योगी आदित्यनाथ पसंद हैं और वह जिस तरह से काम कर रहे हैं, वह उन्हें अच्छा लगता है। सुनील कुमार ने कहा कि उनकी इच्छा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बाद योगी आदित्यनाथ देश की प्रधानमंत्री की कुर्सी संभालें।
सुनील कुमार ने बताया कि इस बार वह 61 लीटर गंगाजल लेकर आए हैं। उन्होंने कहा कि यह उनकी चौथी बुलडोजर कांवड़ है। इससे पहले भी वह तीन बार बुलडोजर कांवड़ लेकर आ चुके हैं। उनका कहना है कि बुलडोजर को कांवड़ के रूप में लेकर आने के पीछे उनकी आस्था और अपनी अलग तरह की श्रद्धा है।
शिवभक्त सुनील कुमार ने अपनी मनोकामना के बारे में कहा कि वह चाहते हैं कि योगी आदित्यनाथ देश के प्रधानमंत्री बनें। उन्होंने कहा कि जब उनकी यह मनोकामना पूरी होगी तो वह दो बुलडोजर के साथ 202 लीटर गंगाजल लेकर कांवड़ यात्रा पर आएंगे और भगवान शिव का जलाभिषेक करेंगे।
सुनील कुमार के मुताबिक, इस बार उनके साथ कुल 16 भोले कांवड़ यात्रा में शामिल हैं। सभी हरिद्वार से जल लेकर निकले हैं और ओघड़नाथ मंदिर में जल चढ़ाने जा रहे हैं। यात्रा के दौरान बुलडोजर कांवड़ लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है।
कांवड़ यात्रा के दौरान इस तरह की अनोखी कांवड़ श्रद्धालुओं के बीच खास आकर्षण पैदा कर रही हैं। बुलडोजर कांवड़ में जहां शिवभक्तों की धार्मिक आस्था दिखाई दे रही है, वहीं इसके साथ जुड़ी मनोकामना ने इसे और भी चर्चा में ला दिया है। अब शिवभक्त अपनी यात्रा पूरी कर ओघड़नाथ मंदिर पहुंचेंगे और हरिद्वार से लाए गए गंगाजल से भगवान शिव का जलाभिषेक करेंगे।

