मुजफ्फरनगर पॉक्सो केस: उस्मान और फिरोज की जमानत नामंजूर, डॉ. अबरार की अग्रिम जमानत पर 5 अक्टूबर को सुनवाई

मुजफ्फरनगर पॉक्सो केस: उस्मान और फिरोज की जमानत नामंजूर, डॉ. अबरार की अग्रिम जमानत पर 5 अक्टूबर को सुनवाई

मुजफ्फरनगर। नाबालिग छात्रा से जुड़े थाना कोतवाली नगर के मामले में विशेष पॉक्सो न्यायालय ने आरोपी उस्मान और फिरोज को फिलहाल जमानत देने से इनकार कर दिया है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट मनोज कुमार सिद्धू की अदालत में दोनों आरोपियों की जमानत अर्जियों पर सुनवाई हुई। अभियोजन पक्ष और वादिया की ओर से जमानत का विरोध किया गया। दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने उस्मान और फिरोज की जमानत अर्जियां निरस्त कर दीं।

17 अगस्त को घर से चली गई थी कक्षा 10 की छात्रा

प्रकरण के अनुसार थाना कोतवाली नगर क्षेत्र के रामलीला टीला निवासी नीरू पत्नी रवि ने पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि उसकी नाबालिग पुत्री कक्षा 10 में पढ़ती थी और 17 अगस्त 2026 को बिना बताए घर से चली गई थी। परिजनों की ओर से दी गई तहरीर के आधार पर 18 अगस्त को थाना कोतवाली नगर में मुकदमा अपराध संख्या 360/2026 धारा 137(2) बीएनएस के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई थी।

पुलिस की विवेचना के दौरान मामले में इरशाद अली खान उर्फ डॉ. सम्राट, नदीम पुत्र फिरदौस, फिरोज, उस्मान और डॉ. अबरार समेत अन्य के नाम सामने आने की बात कही गई। विवेचना आगे बढ़ने के साथ मुकदमे में विभिन्न धाराओं की बढ़ोतरी की गई।

पॉक्सो और एससी-एसटी एक्ट की धाराएं भी जोड़ी गईं

पुलिस के अनुसार, इरशाद अली खान उर्फ डॉ. सम्राट के खिलाफ धारा 49 बीएनएस, धारा 16/17 पॉक्सो एक्ट तथा धारा 3(2)(v) एससी/एसटी एक्ट की धाराओं में तरमीम की गई। वहीं नदीम पुत्र फिरदौस समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ धारा 49, 64(2) बीएनएस, धारा 16/17 पॉक्सो एक्ट और धारा 3(2)(v) एससी/एसटी एक्ट की धाराएं जोड़े जाने की बात कही गई है।

नदीम की जमानत पहले ही हो चुकी है खारिज

मामले में इससे पहले 19 सितंबर 2026 को विशेष पॉक्सो न्यायालय में आरोपी नदीम की जमानत अर्जी पर सुनवाई हुई थी। अदालत ने सुनवाई के बाद नदीम का जमानत प्रार्थना पत्र खारिज कर दिया था। वहीं आरोपी डॉ. सम्राट की जमानत अर्जी स्वीकार किए जाने की जानकारी सामने आई थी।

इसके बाद आरोपी उस्मान और फिरोज की ओर से भी जमानत के लिए अदालत में प्रार्थना पत्र दाखिल किए गए। गुरुवार को दोनों अर्जियों पर विशेष पॉक्सो न्यायालय में सुनवाई हुई।

अभियोजन और वादिया की ओर से जमानत का विरोध

सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक प्रदीप कुमार बालियान ने दोनों आरोपियों की जमानत अर्जियों का विरोध किया। वहीं वादिया की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता संदीप कुमार त्यागी ने भी जमानत का विरोध करते हुए अदालत के समक्ष मामले से संबंधित तथ्यों और कानूनी पक्ष को रखा।

दोनों पक्षों को सुनने के बाद विशेष न्यायाधीश मनोज कुमार सिद्धू ने उस्मान और फिरोज की जमानत अर्जियां निरस्त कर दीं। उस्मान की जमानत अर्जी संख्या 4923/26 और फिरोज की जमानत अर्जी संख्या 4922/26 बताई गई है।

डॉ. अबरार की अग्रिम जमानत की पोषणीयता पर सुनवाई 5 अक्टूबर को

इसी मामले में आरोपी डॉ. अबरार की ओर से दाखिल अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र को लेकर भी अदालत में कानूनी सवाल उठाया गया है। वादिया की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता संदीप कुमार त्यागी ने अग्रिम जमानत अर्जी की पोषणीयता पर आपत्ति दर्ज कराई।

अदालत के समक्ष वादिया की ओर से तर्क रखा गया कि डॉ. अबरार की ओर से दाखिल अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र विधिक रूप से पोषणीय नहीं है। इस बिंदु पर अदालत ने अभी अंतिम निर्णय नहीं दिया है। पोषणीयता के प्रश्न पर सुनवाई के लिए 5 अक्टूबर 2026 की तारीख निर्धारित की गई है। उस दिन अदालत यह तय करेगी कि डॉ. अबरार की अग्रिम जमानत अर्जी सुनवाई योग्य है अथवा नहीं।

अदालत के फैसले पर वादिया ने जताया आभार

उस्मान और फिरोज की जमानत अर्जियां खारिज होने के बाद वादिया ने न्यायालय के प्रति आभार जताया। उन्होंने अपनी ओर से पैरवी कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता संदीप कुमार त्यागी और अभियोजन पक्ष के विशेष लोक अभियोजक प्रदीप कुमार बालियान के प्रति भी धन्यवाद व्यक्त किया।

मामले में अब डॉ. अबरार की अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र की पोषणीयता पर 5 अक्टूबर को होने वाली सुनवाई महत्वपूर्ण होगी। प्रकरण में आगे की न्यायिक कार्यवाही विशेष पॉक्सो न्यायालय में जारी है।

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