मुजफ्फरनगर के सरकारी स्कूलों में रील का ‘खुमार’! फिल्मी गानों पर शिक्षिकाओं का डांस, बच्चों को भी बनाया वीडियो का हिस्सा; जांच के आदेश

मुजफ्फरनगर के सरकारी स्कूलों में रील का ‘खुमार’! फिल्मी गानों पर शिक्षिकाओं का डांस, बच्चों को भी बनाया वीडियो का हिस्सा; जांच के आदेश

मुजफ्फरनगर: जिले के सरकारी स्कूलों से शिक्षिकाओं के सोशल मीडिया रील बनाने के कथित वीडियो सामने आने के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है। वायरल वीडियो में शिक्षिकाएं फिल्मी गानों पर डांस करती और कुछ वीडियो में स्कूली बच्चों को भी डांस में शामिल करती नजर आ रही हैं। कुछ वीडियो में स्कूल परिसर में स्टंट करने का भी दावा किया जा रहा है।

वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद बेसिक शिक्षा अधिकारी संदीप कुमार ने मामले का संज्ञान लेते हुए खतौली और पुरकाजी ब्लॉक के खंड शिक्षा अधिकारियों को जांच के निर्देश दिए हैं। संबंधित शिक्षिकाओं से लिखित स्पष्टीकरण भी मांगा गया है।

पढ़ाई के समय रील बनाने का आरोप

वायरल वीडियो को लेकर दावा किया जा रहा है कि इनमें से कुछ वीडियो सरकारी स्कूल परिसरों में बनाए गए हैं। वीडियो में शिक्षिकाओं के अलावा स्कूली बच्चे भी फिल्मी गानों पर डांस करते दिखाई दे रहे हैं। इसको लेकर अभिभावकों और स्थानीय लोगों ने सवाल उठाए हैं कि स्कूल के शैक्षणिक माहौल में इस तरह की गतिविधियां किस परिस्थिति में हुईं।

हालांकि, शिक्षा विभाग ने अभी वायरल वीडियो की सत्यता, वीडियो की तारीख और संबंधित स्कूलों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। विभागीय जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।

बीएसए ने दिए जांच के आदेश

बेसिक शिक्षा अधिकारी संदीप कुमार के मुताबिक, वायरल रील उनके संज्ञान में आने के बाद तत्काल खतौली और पुरकाजी के खंड शिक्षा अधिकारियों को जांच के निर्देश दिए गए। संबंधित शिक्षिकाओं से भी स्पष्टीकरण मांगा गया है।

बीएसए ने कहा कि वीडियो की पुष्टि होने के बाद जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। विभाग सोशल मीडिया पर उपलब्ध वीडियो और उनसे जुड़े डिजिटल तथ्यों की भी पड़ताल कर रहा है।

बच्चों को रील में शामिल करने पर भी सवाल

मामले में सबसे ज्यादा सवाल उन वीडियो को लेकर उठ रहे हैं, जिनमें छोटे स्कूली बच्चे शिक्षिकाओं के साथ डांस करते दिखाई दे रहे हैं। अभिभावकों का कहना है कि स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई और शैक्षणिक गतिविधियां प्राथमिकता होनी चाहिए।

फिलहाल विभाग ने किसी शिक्षिका को दोषी घोषित नहीं किया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह तय होगा कि वायरल वीडियो कब और किन परिस्थितियों में बनाए गए तथा इनमें दिखाई दे रही गतिविधियां विभागीय नियमों का उल्लंघन हैं या नहीं।

यदि आरोपों की पुष्टि होती है तो शिक्षा विभाग संबंधित शिक्षकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई कर सकता है।

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