मुजफ्फरनगर। बामनहेड़ी स्थित केंद्रीय भंडारण निगम के सेंट्रल वेयरहाउस डिपो में उस समय अफरा तफरी मच गई, जब एक वाहन की चपेट में आने से युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे में देवबंद क्षेत्र के तल्हेड़ी बुजुर्ग निवासी अरसद उर्फ गुड्डू का बेटा चांद गंभीर रूप से घायल हुआ है। स्थानीय अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उसे मेरठ रेफर कर दिया। परिजनों के मुताबिक मेरठ के अस्पताल में चांद का उपचार वेंटिलेटर सपोर्ट पर चल रहा है और उसकी हालत नाजुक बनी हुई है।

पिता और मजदूरों के लिए खाना लेकर डिपो पहुंचा था चांद
प्राप्त जानकारी के अनुसार चांद अपने पिता और उनके साथ काम करने वाले मजदूरों के लिए खाना पानी लेकर बामनहेड़ी स्थित डिपो पहुंचा था। बताया गया कि उसके पिता डिपो में वाहन से संबंधित काम के सिलसिले में पहुंचे थे।

चांद खाना पानी पहुंचाने के बाद अपने पिता की गाड़ी की पर्ची कटवाने के लिए डिपो परिसर के भीतर गया था। परिजनों के अनुसार इसी दौरान पीछे की ओर से आए एक ट्रक ने उसे टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि चांद सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया।
हादसे के बाद डिपो परिसर में मौजूद मजदूरों और अन्य लोगों में अफरा तफरी मच गई। साथी मजदूरों और स्थानीय लोगों ने तत्काल घायल युवक को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया।
हालत गंभीर होने पर मेरठ रेफर
स्थानीय अस्पताल में चिकित्सकों ने घायल चांद का प्राथमिक उपचार किया। हालत गंभीर होने के कारण उसे बेहतर उपचार के लिए मेरठ रेफर कर दिया गया। परिजनों के अनुसार मेरठ के अस्पताल में चांद की हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है और उसे वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है।
परिवार के लोग अस्पताल में मौजूद हैं और लगातार उसके स्वास्थ्य की जानकारी ले रहे हैं। हादसे के बाद परिवार में चिंता का माहौल बना हुआ है।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शुरू की जांच
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने हादसे में शामिल वाहन को कब्जे में ले लिया है। पुलिस वाहन चालक की भूमिका और हादसे के कारणों की जांच कर रही है।
पुलिस आसपास मौजूद लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों से भी जानकारी जुटा रही है। डिपो परिसर में लगे कैमरों की फुटेज समेत अन्य साक्ष्यों की भी जांच किए जाने की बात सामने आई है।
इलाज के खर्च में मदद का आश्वासन
बताया गया कि घायल चांद का परिवार आर्थिक रूप से कमजोर है और मजदूरी पर निर्भर है। गंभीर हादसे के बाद परिवार के सामने इलाज का खर्च उठाने की चुनौती खड़ी हो गई।
इसके बाद गांव के जिम्मेदार लोगों, डिपो प्रबंधन, ट्रांसपोर्टर और पुलिस प्रशासन के बीच बातचीत हुई। बातचीत के दौरान डिपो प्रबंधन और वाहन मालिक की ओर से घायल चांद के इलाज का पूरा खर्च उठाने तथा परिवार को हरसंभव आर्थिक मदद देने का आश्वासन दिए जाने की बात कही गई।
परिवार और संबंधित पक्षों के बीच यह सहमति भी बनी कि जब तक मामले में पूरी आपसी सहमति नहीं बन जाती, तब तक हादसे में शामिल वाहन को मौके से नहीं हटाया जाएगा।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है, जबकि परिजनों की निगाहें चांद के स्वास्थ्य में सुधार पर टिकी हुई हैं।

