मीरापुर, मुजफ्फरनगर। कस्बा मीरापुर के मोहल्ला नमक मंडी स्थित जाट कॉलोनी में घनी आबादी के बीच मोबाइल टावर लगाए जाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। टावर निर्माण का विरोध कर रहे मोहल्लेवासियों ने उप जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर निर्माण कार्य तत्काल रुकवाने और पूरे मामले की जांच कराकर नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है।

मोहल्लेवासियों का आरोप है कि कॉलोनी में एक निजी प्लॉट पर मोबाइल टावर लगाने के लिए निर्माण और खुदाई का काम कराया जा रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार जब उन्हें टावर लगाए जाने की जानकारी हुई तो उन्होंने मौके पर पहुंचकर इसका विरोध किया। लोगों का कहना है कि विरोध किए जाने पर संबंधित व्यक्ति ने टावर लगाए जाने से इनकार किया, लेकिन इसके बावजूद मौके पर खुदाई और अन्य निर्माण कार्य जारी रहा।

एसडीएम को दिए गए प्रार्थना पत्र में स्थानीय निवासी प्रदीप कुमार, संजीव कुमार, जगपाल, आशीष वर्मा, आस मोहम्मद, मोहर्रम अली, जावेद, रजनीश और मोनू पंडित समेत अन्य लोगों ने अपनी आपत्ति दर्ज कराई है। उनका कहना है कि आवासीय कॉलोनी में बड़ी संख्या में लोग रहते हैं और निर्माण कार्य घनी आबादी के बीच कराया जा रहा है।
मोहल्लेवासियों ने मोबाइल टावर को लेकर स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं का भी जिक्र किया है। उनका कहना है कि कॉलोनी में छोटे बच्चे और बुजुर्ग रहते हैं, इसलिए टावर लगाए जाने से संभावित रेडिएशन को लेकर लोगों में भय बना हुआ है। हालांकि, इन स्वास्थ्य संबंधी आशंकाओं की वास्तविकता और मोबाइल टावर के नियामकीय मानकों के अनुपालन का निर्धारण संबंधित सक्षम विभाग की जांच से ही स्पष्ट हो सकेगा।
स्थानीय लोगों का यह भी कहना है कि क्षेत्र में पहले से ही प्रमुख मोबाइल कंपनियों के नेटवर्क की पर्याप्त सुविधा उपलब्ध है। ऐसे में घनी आबादी के बीच नया मोबाइल टावर लगाए जाने की आवश्यकता को लेकर भी उन्होंने सवाल उठाए हैं।
मोहल्लेवासियों ने एसडीएम से मांग की है कि मौके पर चल रहे निर्माण कार्य की जांच कराई जाए और जांच पूरी होने तक निर्माण रुकवाया जाए। साथ ही टावर लगाने के लिए संबंधित विभागों से आवश्यक अनुमति और निर्धारित मानकों का पालन किया गया है या नहीं, इसकी भी जांच कराने की मांग की गई है।
अब लोगों की नजर प्रशासन की कार्रवाई पर है। प्रशासनिक जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि प्रस्तावित मोबाइल टावर के निर्माण के लिए आवश्यक अनुमति और निर्धारित नियमों का पालन किया गया है या नहीं।

