सिंगरौली। निगम चुनाव में भाजपा के लिए थोड़ी राहत भरी स्थिति यह रही कि कुल 45 वार्डों में 23 पार्षद प्रत्याशियों को जीत मिली है। कांग्रेस के खाते में 12 सीट, आप के खाते में 5, बीएसपी को 2, जनअधिकार पार्टी को एक और निर्दलीय प्रत्याशियों को 2 सीट पर जीत मिली है। बात पिछले निगम चुनाव की करें तो भाजपा की सीट में कमी आई है। जबकि कांग्रेस को बढ़त मिली है। पिछले चुनाव में भाजपा को 27, कांग्रेस को 6 और अन्य पार्टियों व निर्दलीय को 12 सीट मिली थी। इस तरह से इस चुनाव में भाजपा को नुकसान हुआ है। फिलहाल सर्वाधिक सीट भाजपा के पास ही है। इस स्थिति में अध्यक्ष पद मिलने की पूरी उम्मीद है।

नगर निगम चुनाव के जरिए बनी शहर सरकार में आधी आबादी यानी महिलाओं की संख्या आधी से अधिक होगी। 45 वार्ड में पार्षद पद की विजेता प्रत्याशियों की संख्या 25 है। महिलाओं की इतनी बड़ी संख्या पहली बार शहर सरकार में शामिल हुई मानी जा रही है। इसे महिलाओं के उत्थान का शुभ संकेत माना जा रहा है। महिलाओं की बड़ी भागीदारी के पीछे आरक्षण भी एक वजह मानी जा रही है।
चुनाव में भाजपा के पार्षद प्रत्याशी उसी वार्ड से हार गए, जो जनप्रतिनिधि व भाजपा के पदाधिकारियों का है। सिंगरौली विधायक रामलल्लू वैश्य वार्ड आठ में रहते हैं। वार्ड से कांग्रेस की नीलम गुप्ता को जीत मिली है। उन्हें 899 मत मिले हैं, जबकि निकटतम प्रत्याशी भाजपा के नवनीत तिवारी हैं। उन्हें 842 मत मिले और वह 57 मतों से पराजित हो गए।
इसी प्रकार वार्ड नौ में भाजपा जिलाध्यक्ष वीरेंद्र गोयल व पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष कांतदेव सिंह रहते हैं। इस वार्ड से कांग्रेस के प्रत्याशी शेखर ओम प्रकाश को जीत मिली है। शेखर को 1264 और भाजपा के प्रत्याशी प्रवीण तिवारी को 1234 मत मिले हैं। प्रवीण को 30 मतों से शिकस्त मिली है। जाहिर सी बात है कि भाजपा के धुरंधर अपनी ही वार्ड में प्रत्याशियों को जीत हासिल कराने में असफल रहे हैं।
