बुढ़ाना (मुजफ्फरनगर)। अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे सघन चेकिंग अभियान के दौरान सोमवार देर रात बुढ़ाना पुलिस की संदिग्ध बाइक सवार बदमाशों से मुठभेड़ हो गई। मंदवाड़ा मार्ग पर हुई मुठभेड़ में दोनों ओर से फायरिंग हुई। इस दौरान उपनिरीक्षक सूर्य प्रताप सिंह गोली लगने से घायल हो गए। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में एक बदमाश शहजाद के पैर में गोली लगी और वह मौके पर गिर पड़ा। वहीं, उसका सगा भाई शहनवाज अंधेरे का फायदा उठाकर जंगल की ओर भाग निकला, जिसे पुलिस ने घेराबंदी और कॉम्बिंग अभियान के दौरान गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस के अनुसार पकड़े गए दोनों भाई बुढ़ाना की तहसील कॉलोनी में एक रिटायर्ड दरोगा के बंद मकान में हुई चोरी के मामले में वांछित थे। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर उनकी पहचान कर तलाश शुरू की थी।

मंदवाड़ा मार्ग पर चल रही थी चेकिंग
जानकारी के अनुसार सोमवार देर रात बुढ़ाना कोतवाली प्रभारी सुभाष अत्री के नेतृत्व में पुलिस टीम मंदवाड़ा मार्ग पर संदिग्ध वाहनों और व्यक्तियों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान पुलिस टीम ने बाइक पर सवार दो संदिग्ध युवकों को रुकने का इशारा किया।
पुलिस का कहना है कि खुद को घिरता देख बाइक सवार बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। अचानक हुई फायरिंग में उपनिरीक्षक सूर्य प्रताप सिंह गोली लगने से घायल हो गए। पुलिस टीम ने मोर्चा संभालते हुए आत्मरक्षार्थ जवाबी फायरिंग की।
पैर में गोली लगने से गिरा बदमाश
पुलिस की जवाबी कार्रवाई के दौरान एक गोली शहजाद के पैर में लगी। गोली लगने के बाद वह मौके पर गिर पड़ा और पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया। इसी दौरान उसका भाई शहनवाज अंधेरे का फायदा उठाकर जंगल की तरफ भाग निकला।
पुलिस ने आसपास के इलाके में घेराबंदी करते हुए कॉम्बिंग अभियान चलाया। काफी तलाश के बाद पुलिस टीम ने शहनवाज को भी पकड़ लिया। दोनों आरोपियों को पुलिस हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी गई है।
घायल दरोगा और बदमाश अस्पताल में भर्ती
मुठभेड़ की सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर पुलिसकर्मियों से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली।
गोली लगने से घायल उपनिरीक्षक सूर्य प्रताप सिंह और बदमाश शहजाद को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद दोनों को बेहतर उपचार के लिए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।
रिटायर्ड दरोगा के बंद मकान में की थी चोरी
बुढ़ाना कोतवाली प्रभारी सुभाष अत्री के अनुसार पकड़े गए दोनों सगे भाइयों पर बुढ़ाना की तहसील कॉलोनी में रिटायर्ड दरोगा के बंद मकान में चोरी करने का आरोप है। पुलिस के मुताबिक मकान से नकदी और जेवरात चोरी किए गए थे।
पुलिस ने घटना के बाद मकान और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली थी। फुटेज के आधार पर संदिग्धों की पहचान करने के बाद पुलिस उनकी तलाश में जुटी थी। इसी क्रम में सोमवार रात दोनों पुलिस के हत्थे चढ़ गए।
पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर चोरी के मामले में कथित तौर पर चोरी किए गए नकदी और जेवरात के संबंध में जानकारी जुटा रही है। पुलिस का कहना है कि बरामदगी के प्रयास भी किए जा रहे हैं।
दोनों आरोपी सगे भाई, आपराधिक इतिहास की भी जांच
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शहजाद पुत्र रईस निवासी खालापार, मुजफ्फरनगर, हाल निवासी लुहसाना मार्ग बुढ़ाना और शहनवाज पुत्र रईस निवासी खालापार, मुजफ्फरनगर, हाल निवासी खतौली के रूप में हुई है। शहजाद को पैर में गोली लगी है, जबकि शहनवाज को जंगल में कॉम्बिंग के दौरान गिरफ्तार किया गया।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक दोनों आरोपियों के आपराधिक इतिहास की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में लगी है कि दोनों के खिलाफ पूर्व में कितने मुकदमे दर्ज हैं और चोरी की अन्य घटनाओं में उनकी कोई भूमिका रही है या नहीं।
मौके से बाइक और कारतूस बरामद
पुलिस ने मुठभेड़ स्थल से एक संदिग्ध बाइक के साथ जिंदा और खोखा कारतूस बरामद किए हैं। बरामद सामान को कब्जे में लेकर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। घटनास्थल पर फोरेंसिक और अन्य साक्ष्य भी जुटाए जा रहे हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है। गिरफ्तार दोनों आरोपियों से पूछताछ के आधार पर चोरी की घटना में अन्य लोगों की संलिप्तता और चोरी गए सामान की बरामदगी के संबंध में आगे की कार्रवाई की जाएगी।

