बिहार में दिखा बंद का असर, रेलवे ने रद्द कीं 348 यात्री ट्रेनें, सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त

नयी दिल्ली। सशस्त्रों बलों में भर्ती की नई ‘अग्निपथ’ योजना के खिलाफ बिहार में जमकर बवाल हुआ। जिसको देखते हुए छठवें दिन हिंसा प्रभावित जिलों में दुकानें बंद रहीं। सड़कों पर आवाजाही भी आम दिनों की तुलना में काफी कम रही। आपको बता दें कि अभ्यर्थियों के भारत बंद को विपक्ष का मूक समर्थन प्राप्त है। एक तरफ जहां अग्निपथ योजना के खिलाफ कांग्रेस राष्ट्रीय राजधानी के जंतर मंतर में सत्याग्रह कर रही है तो दूसरी तरफ बिहार का मुख्य विपक्षी दल राजद अभ्यर्थियों के साथ खड़ा है। हालांकि विपक्षी पार्टियां अभ्यर्थियों से हिंसा का रास्ता छोड़कर शांतिप्रिय आंदोलन की बात कर रही हैं।

अग्निपथ योजना को लेकर हो रहे विरोध प्रदर्शन के चलते 348 यात्री ट्रेने रद्द हो गईं हैं। रेल मंत्रालय ने बताया कि अग्निपथ योजना को लेकर हो रहे प्रदर्शन के कारण 181 मेल एक्सप्रेस और 348 यात्री ट्रेनें रद्द हुई हैं। 4 मेल एक्सप्रेस और 6 पैसेंजर ट्रेनें आंशिक रूप से अभी रद्द हैं। कोई भी डायवर्ट ट्रेन नहीं है। इसके अलावा बिहार के 20 जिलों में इंटरनेट सेवाओं को बंद कर दिया गया है।

अग्निपथ योजना के विरोध में अभ्यर्थियों के कुछ संगठनों द्वारा बुलाए गए भारत बंद के मद्देनजर बिहार में सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतेजाम किए गए हैं। जगह-जगह पर सुरक्षाकर्मी तैनात हैं और सोशल मीडिया पर भी नजर रखी जा रही है। दरअसल, अग्निपथ योजना को लेकर बिहार में जमकर उपद्रव हुआ है और प्रदर्शनकारियों ने ट्रेन के कई डिब्बों को आग के हवाले कर दिया था। इसके साथ ही एक रेलवे काउंटर से लूटपाट की भी खबरें सामने आई थीं।

गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने दशकों पुरानी रक्षा भर्ती योजना में आमूलचूल परिवर्तन करते हुए सेना के तीनों अंगों में जवानों की भर्ती संबंधी अग्निपथ योजना की मंगलवार को घोषणा की थी, जिसके तहत जवानों की भर्ती 4 साल की अवधि के लिए संविदा आधार पर की जाएगी। योजना के तहत सेना के तीनों अंगों में इस साल करीब 46,000 जवान भर्ती किए जाएंगे। चयन के लिए पहले पात्रता आयु साढ़े 17 वर्ष से 21 वर्ष के बीच तय की गई थी। बाद में अधिकतम आयुसीमा 23 वर्ष कर दिया गया। भर्ती के बाद सेना में शामिल युवाओं को अग्निवीर के नाम से जाना जाएगा।

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