बिजनौर। दीपावली के त्योहार से पहले अवैध रूप से पटाखों की खरीद-फरोख्त, भंडारण और परिवहन के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। इसी क्रम में बिजनौर कोतवाली शहर पुलिस ने चेकिंग के दौरान एक एंबुलेंस से भारी मात्रा में पटाखे बरामद किए हैं। पुलिस के मुताबिक, एंबुलेंस में गत्ते की पेटियों के अंदर अलग-अलग प्रकार के पटाखे भरकर ले जाए जा रहे थे। तलाशी के दौरान कुल 105 किलो 400 ग्राम पटाखे बरामद हुए। पुलिस ने मौके से एंबुलेंस में सवार चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया और वाहन समेत बरामद पटाखों को कब्जे में ले लिया।

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए चारों आरोपी मुजफ्फरनगर जिले के मीरापुर क्षेत्र के रहने वाले हैं। पूछताछ में आरोपियों ने पटाखे बिजनौर के जलालाबाद स्थित फायर क्रैकर्स नामक दुकान से खरीदने की बात बताई है। पुलिस का कहना है कि आरोपी इन पटाखों को अपने गांव ले जाकर बेचने की तैयारी में थे। हालांकि, पटाखों की खरीद, उनके परिवहन और एंबुलेंस के इस्तेमाल से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।

मंडावर चौराहे पर चेकिंग के दौरान मिली सूचना
पुलिस के मुताबिक, उन्नीस अक्टूबर को कोतवाली शहर पुलिस की टीम मंडावर चौराहे पर वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि एक एंबुलेंस में बड़ी मात्रा में पटाखे भरकर ले जाए जा रहे हैं। दीपावली से पहले पटाखों की अवैध खरीद-फरोख्त और परिवहन की आशंका को देखते हुए पुलिस टीम ने सूचना को गंभीरता से लिया और संदिग्ध वाहन की तलाश शुरू कर दी।
बताया गया कि पुलिस ने संबंधित एंबुलेंस को रोकने का प्रयास किया। पुलिस का आरोप है कि चालक ने वाहन को तेजी से निकालने की कोशिश की। इसके बाद पुलिस टीम ने बैरियर लगाकर एंबुलेंस को रोक लिया और उसकी तलाशी ली। तलाशी के दौरान वाहन के भीतर चार लोग सवार मिले। एंबुलेंस में गत्ते की पेटियों में बड़ी मात्रा में पटाखे रखे हुए थे।
पुलिस ने जब पेटियों की जांच की तो उनमें अलग-अलग प्रकार के पटाखे मिले। इसके बाद बरामद पटाखों की मात्रा और उनके परिवहन से संबंधित दस्तावेजों की जांच की गई। पुलिस के मुताबिक, आरोपी पटाखों की खरीद और परिवहन के संबंध में आवश्यक लाइसेंस या परमिट प्रस्तुत नहीं कर सके। इसके बाद पुलिस ने पटाखों को कब्जे में लेकर चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
रॉकेट, अनार, फुलझड़ी और सुतली बम सहित मिले पटाखे
पुलिस के अनुसार, एंबुलेंस से कुल एक सौ पांच किलो चार सौ ग्राम पटाखे बरामद किए गए हैं। बरामद पटाखों में रॉकेट, अनार, फुलझड़ी, सुतली बम और अन्य प्रकार के पटाखे शामिल हैं। अलग-अलग किस्म के पटाखों को गत्ते की पेटियों में रखकर ले जाया जा रहा था।
दीपावली के दौरान पटाखों की मांग बढ़ने के कारण बाजारों में इनकी खरीद-फरोख्त तेज हो जाती है। ऐसे में पटाखों के सुरक्षित भंडारण, बिक्री और परिवहन को लेकर नियमों का पालन करना जरूरी होता है। पुलिस की कार्रवाई के दौरान आरोपियों द्वारा आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाने के बाद बरामदगी और गिरफ्तारी की कार्रवाई की गई।
पुलिस ने एंबुलेंस और पटाखों को अपने कब्जे में ले लिया है। मामले में बरामद सामग्री के संबंध में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पटाखों की कुल मात्रा और विभिन्न किस्मों की बरामदगी को देखते हुए पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि उन्हें किस उद्देश्य से ले जाया जा रहा था और इस गतिविधि से अन्य लोग भी जुड़े हैं या नहीं।
मुजफ्फरनगर के मीरापुर क्षेत्र के चार आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सचिन कुमार पुत्र सतीश कुमार, अशोक कुमार पुत्र ईश्वर सिंह, अभिषेक पुत्र सुरेश कुमार और सनी उर्फ वंश पुत्र धर्मवीर के रूप में की है। पुलिस के अनुसार, चारों आरोपी मुजफ्फरनगर जिले के मीरापुर क्षेत्र के निवासी हैं।
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि उन्होंने पटाखे बिजनौर के जलालाबाद स्थित फायर क्रैकर्स नामक दुकान से खरीदे थे। पुलिस के मुताबिक, आरोपी पटाखों को अपने गांव ले जाकर बेचने की तैयारी में थे। हालांकि, इस संबंध में सामने आए तथ्यों की पुष्टि के लिए पुलिस की ओर से जांच की जा रही है।
जांच के दौरान पटाखों की खरीद से संबंधित जानकारी, उनके परिवहन के उद्देश्य और आवश्यक अनुमति से जुड़े पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि पटाखों की खरीद और बिक्री में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका तो नहीं है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।
एंबुलेंस में पटाखे ले जाने पर उठे सवाल
इस पूरे मामले में एंबुलेंस का इस्तेमाल सबसे महत्वपूर्ण पहलुओं में से एक है। सामान्य तौर पर एंबुलेंस का उपयोग मरीजों को अस्पताल पहुंचाने और आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं के लिए किया जाता है। ऐसे में एक एंबुलेंस से इतनी बड़ी मात्रा में पटाखों का बरामद होना कई सवाल खड़े करता है।
पुलिस की जांच का एक अहम बिंदु यह भी है कि एंबुलेंस का इस्तेमाल पटाखों के परिवहन के लिए क्यों किया जा रहा था। क्या इसके पीछे पुलिस की चेकिंग से बचने की मंशा थी या वाहन का इस्तेमाल किसी अन्य वजह से किया जा रहा था, इस संबंध में फिलहाल कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है। पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही इस पहलू पर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
इसके साथ ही पटाखों को किस प्रकार खरीदा गया, उन्हें ले जाने के लिए कौन-कौन से दस्तावेज जरूरी थे और संबंधित दुकान से हुई खरीद के संबंध में क्या रिकॉर्ड उपलब्ध हैं, इन सभी बिंदुओं की जांच महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
दीपावली से पहले पुलिस की कार्रवाई तेज
दीपावली के मद्देनजर पुलिस और प्रशासन की ओर से पटाखों की अवैध खरीद-फरोख्त, भंडारण और परिवहन पर निगरानी रखी जा रही है। त्योहार के दौरान आतिशबाजी से जुड़े हादसों की आशंका को देखते हुए नियमों का पालन सुनिश्चित करना भी जरूरी है। ऐसे में बिना आवश्यक दस्तावेजों के पटाखों का परिवहन किए जाने की सूचना मिलने पर पुलिस की कार्रवाई को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
बिजनौर कोतवाली शहर पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर बरामद पटाखों और एंबुलेंस को कब्जे में ले लिया है। फिलहाल मामले की जांच जारी है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों से पूछताछ में सामने आई जानकारी के आधार पर पटाखों की खरीद, परिवहन और बिक्री से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की जा रही है।
जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि इस मामले में पटाखों की खरीद-फरोख्त से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका है या नहीं और एंबुलेंस का इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया गया था।

