मुजफ्फरनगर। बहेड़ी क्षेत्र में शनिवार को मूसलाधार बारिश के दौरान उस समय बड़ा हादसा होते होते टल गया, जब पशु चिकित्सालय के ठीक सामने सड़क किनारे खड़े एक विशाल पेड़ की भारी भरकम डाल अचानक 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन बिजली लाइन पर जा गिरी। डाल के वजन से हाईटेंशन लाइन का चालू तार टूटकर सड़क पर आ गिरा। तार टूटते ही जोरदार धमाके के साथ चिंगारियां निकलने लगीं, जिससे आसपास के इलाके में अफरा तफरी मच गई। गनीमत रही कि घटना के समय तेज बारिश के कारण सड़क पर लोगों की आवाजाही नहीं थी और कोई व्यक्ति तार की चपेट में नहीं आया।

बताया गया कि शनिवार को बहेड़ी क्षेत्र में तेज बारिश हो रही थी। इसी दौरान पशु चिकित्सालय के सामने सड़क किनारे खड़े एक बड़े पेड़ की भारी डाल अचानक टूटकर ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन बिजली लाइन पर जा गिरी। पेड़ की डाल का दबाव पड़ते ही 11 हजार वोल्ट की लाइन का तार टूट गया और देखते ही देखते सड़क पर आ गिरा। तार के जमीन पर गिरते ही तेज आवाज के साथ चिंगारियां निकलने लगीं। हाईटेंशन तार में करंट प्रवाहित होने के कारण आसपास मौजूद लोगों में दहशत फैल गई।

घटना के बाद कुछ समय के लिए मौके पर अफरा तफरी का माहौल बना रहा। लोगों ने सुरक्षा को देखते हुए सड़क से दूरी बनाए रखी। स्थानीय लोगों ने बिजली विभाग को सूचना देकर विद्युत आपूर्ति बंद कराने की मांग की, ताकि टूटे हुए तार के कारण किसी तरह की जनहानि न हो सके।
बारिश के कारण सुनसान थी सड़क, वरना हो सकता था बड़ा हादसा
इस घटना में सबसे बड़ी राहत की बात यह रही कि जिस समय हाईटेंशन तार टूटकर सड़क पर गिरा, उस समय तेज बारिश हो रही थी। बारिश के कारण पशु चिकित्सालय के सामने आम दिनों की अपेक्षा बेहद कम आवाजाही थी। स्थानीय व्यापारी विनीत त्यागी ने बताया कि पशु चिकित्सालय के सामने सामान्य दिनों में काफी चहल पहल रहती है। यहां आसपास के दुकानदारों के साथ साथ पशु चिकित्सालय में आने वाले लोग अपने दोपहिया और अन्य वाहनों को सड़क किनारे खड़ा करते हैं।
विनीत त्यागी के अनुसार, शनिवार को बारिश के चलते लोग अपने घरों और दुकानों के अंदर थे और सड़क लगभग खाली थी। ऐसे में हाईटेंशन लाइन का तार टूटकर सड़क पर गिरने के बावजूद कोई व्यक्ति इसकी चपेट में नहीं आया। यदि घटना सामान्य दिनों में होती और उस समय सड़क पर लोगों की भीड़ या वाहन मौजूद होते तो 11 हजार वोल्ट के चालू तार की चपेट में आने से गंभीर जनहानि की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता था।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस स्थान पर तार टूटा, वहां दिनभर लोगों की आवाजाही रहती है। ऐसे में यह घटना बिजली लाइनों की सुरक्षा और आसपास मौजूद पेड़ों की नियमित छंटाई को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है।
बिजली लाइन से सटी पेड़ की डालियां बनी खतरे का कारण
स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों के अनुसार बहेड़ी क्षेत्र में कई स्थानों पर पेड़ों की शाखाएं हाईटेंशन और लो टेंशन बिजली लाइनों के बेहद करीब पहुंच चुकी हैं। बरसात और तेज हवा के दौरान इन शाखाओं के बिजली तारों से टकराने का खतरा लगातार बना रहता है। शनिवार को भी इसी तरह पेड़ की एक भारी डाल हाईटेंशन लाइन पर जा गिरी और बिजली का तार टूट गया।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि बिजली लाइनों के आसपास पेड़ों की छंटाई को लेकर पर्याप्त सतर्कता नहीं बरती जा रही है। मानसून से पहले बिजली लाइनों के आसपास बढ़ चुकी पेड़ों की शाखाओं की छंटाई किए जाने की जरूरत रहती है, लेकिन कई स्थानों पर यह काम समय से नहीं होने के कारण शाखाएं तारों तक पहुंच जाती हैं।
लोगों का कहना है कि बारिश के मौसम में पेड़ों की शाखाओं और बिजली तारों के बीच दूरी बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है। तेज हवा और बारिश के दौरान पेड़ों की डालियां बिजली लाइनों से टकराकर तार टूटने, बिजली आपूर्ति बाधित होने और जानमाल के नुकसान का कारण बन सकती हैं।
घटना ने बिजली विभाग की तैयारियों पर उठाए सवाल
हाईटेंशन तार टूटने की इस घटना के बाद स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों में बिजली विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर नाराजगी दिखाई दी। लोगों का कहना है कि यदि बिजली लाइनों के आसपास समय रहते पेड़ों की छंटाई करा दी जाती तो इस तरह की स्थिति उत्पन्न होने से रोकी जा सकती थी।
स्थानीय नागरिकों ने कहा कि बिजली के तारों के आसपास मौजूद पेड़ों की शाखाओं की नियमित निगरानी होनी चाहिए। विशेष रूप से बरसात शुरू होने से पहले ऐसे स्थानों को चिह्नित कर पेड़ों की छंटाई और बिजली लाइनों की जांच कराई जानी चाहिए, जहां तारों के ऊपर या आसपास शाखाएं पहुंच चुकी हैं।
व्यापारियों ने यह भी मांग की कि केवल घटना के बाद मरम्मत करने के बजाय बिजली विभाग को नियमित मेंटेनेंस पर विशेष ध्यान देना चाहिए। इससे बिजली आपूर्ति व्यवस्था मजबूत होने के साथ साथ संभावित हादसों को भी समय रहते रोका जा सकेगा।
व्यापारियों ने विशेष छंटाई अभियान चलाने की मांग की
स्थानीय व्यापारी विनीत त्यागी और अन्य नागरिकों ने जिला प्रशासन तथा पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम के उच्च अधिकारियों से बहेड़ी क्षेत्र में विशेष अभियान चलाने की मांग की है। उनका कहना है कि क्षेत्र में हाईटेंशन और लो टेंशन लाइनों के आसपास मौजूद पेड़ों का सर्वे कराया जाए और जहां भी शाखाएं बिजली तारों के करीब पहुंच गई हैं, वहां तत्काल छंटाई कराई जाए।
इसके साथ ही पुराने और जर्जर बिजली तारों की भी जांच कर उन्हें आवश्यकता के अनुसार बदले जाने की मांग की गई है। नागरिकों का कहना है कि बिजली लाइनों के रखरखाव में किसी तरह की लापरवाही भविष्य में गंभीर हादसे का कारण बन सकती है।
शनिवार को हुई घटना में किसी व्यक्ति के हताहत नहीं होने से लोगों ने राहत की सांस ली, लेकिन सड़क पर गिरा 11 हजार वोल्ट का चालू तार यह चेतावनी जरूर दे गया कि बिजली लाइनों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था और पेड़ों की नियमित छंटाई को नजरअंदाज करना कितना भारी पड़ सकता है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन और बिजली विभाग से मांग की है कि घटना को गंभीरता से लेते हुए पूरे क्षेत्र की बिजली लाइनों और पेड़ों का सुरक्षा निरीक्षण कराया जाए, ताकि भविष्य में किसी बड़ी जनहानि की स्थिति पैदा न हो।

