बांदा। उत्तर प्रदेश के जनपद बांदा में मिशन शक्ति अभियान के तहत चिह्नित दहेज हत्या के मामले में ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत प्रभावी विवेचना और अभियोजन पैरवी के फलस्वरूप आरोपी पति को न्यायालय ने 10 वर्ष के सश्रम कारावास और तीन हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।

मामला वर्ष 2025 में थाना बबेरू क्षेत्र का है। बगेहटा गांव के पास रहने वाले राजाभइया ने 4 मई 2025 को थाना बबेरू में अपने दामाद सुरेश पुत्र भगवानदीन निवासी ग्राम मझीवा सानी, थाना बिसंडा, जनपद बांदा के खिलाफ पुत्री की दहेज हत्या का आरोप लगाते हुए तहरीर दी थी। पुलिस ने मामले में मुकदमा अपराध संख्या 162/2025 के तहत धारा 85/80(2) बीएनएस एवं 3/4 दहेज प्रतिषेध अधिनियम में मुकदमा दर्ज किया था।

मामले की विवेचना तत्कालीन क्षेत्राधिकारी बबेरू सौरभ सिंह ने की। प्रभावी विवेचना के बाद पुलिस ने 16 जून 2025 को आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया। अभियोजन पक्ष की ओर से लोक अभियोजक विजय बहादुर सिंह और उमाशंकर पाल ने साक्ष्य और गवाह प्रस्तुत करते हुए प्रभावी पैरवी की।
कोर्ट मोहर्रिर मुख्य आरक्षी शैलेन्द्र कुमार, महिला आरक्षी मालती कुमारी और पैरोकार आरक्षी चक्रधारी ने मुकदमे में अहम रोल अदा किया। सभी प्रयासों से मामले में सुनवाई पूरी हुई। सत्र न्यायालय बांदा ने आरोपी पति सुरेश को 10 वर्ष के सश्रम कारावास और तीन हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया। यह जानकारी लोक अभियोजक विजय बहादुर सिंह ने गुरुवार को दी।

