बहराइच। उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले के कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग के मोतीपुर रेंज अंतर्गत गोकुलपुर गांव में करीब 15 दिनों से दहशत का पर्याय बने तेंदुए को आखिरकार वन विभाग की टीम ने सोमवार तड़के पिंजरे में कैद कर लिया। तेंदुए के पकड़े जाने की खबर मिलते ही ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।

ग्रामीणों के मुताबिक, पिछले कई दिनों से गांव और आसपास के इलाकों में तेंदुए की लगातार आवाजाही देखी जा रही थी। तेंदुए के हमले में करीब आधा दर्जन मवेशियों की जान जा चुकी थी। इसके अलावा गांव के आसपास बार-बार तेंदुए के पैरों के निशान मिलने से लोगों में भय का माहौल बना हुआ था। डर के कारण ग्रामीण अकेले खेतों की ओर जाने से भी बच रहे थे।

लगातार मिल रही शिकायतों और तेंदुए की गतिविधियों को देखते हुए वन विभाग ने गोकुलपुर गांव में पिंजरा लगाया था। सोमवार सुबह करीब 4:30 बजे तेंदुआ पिंजरे में फंस गया। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और तेंदुए को सुरक्षित बाहर निकालकर सेफ हाउस में पहुंचाया। डीएफओ अपूर्व दीक्षित ने बताया कि तेंदुए की निगरानी की जा रही है। उसके स्वास्थ्य और व्यवहार की जांच के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए आवश्यक अनुमति भी ली जाएगी। तेंदुए के पकड़े जाने के बाद ग्रामीणों ने वन विभाग की टीम का आभार जताया। लंबे समय से भय के साये में रह रहे ग्रामीणों को अब राहत मिली है।

