बस्ती। उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में वर्षा कम होने के कारण धान की फसल को हो रही भारी क्षति के मद्देनजर सरकार इस जिले को सूखाग्रस्त घोषित करने के लिये सर्वेक्षण करायेगी।
जिला प्रशासन के आधिकारिक सूत्रों ने शुक्रवार को बताया है कि जिले में वर्षा कम होने से धान की फसल को सबसे अधिक नुक्सान हुआ है। जिले में 01 लाख 30 हजार 926 हेक्टेयर रकबे में धान की फसल लगी हुई है। बरसात कम होने के कारण धान की फसल सूखने की कागार पर पहुंच गयी है। सूखाग्रस्त घोषित करने के लिए कृषि विभाग के तकनीकी सहायक और लेखपाल की टीम प्रत्येक गांव मे जाकर सर्वेक्षण करेंगे। इसके लिए टीम गठित कर दी गयी है। सूखा ग्रस्त घोषित करने के लिये 14 सितंबर को इस टीम की रिपोर्ट शासन को भेजी जानी है।
सूखे का सबसे अधिक असर जिले के नहरविहीन क्षेत्रों मे पड़ रहा है। इस क्षेत्र में वर्षा भी कम हुई है और सिचांई के संसाधन बहुत ही कम हैं। किसानों द्वारा धान की फसल को बचाने के लिए सिंचाई किया जा रहा है, लेकिन तेज धूप से फसल पुनः सूखने के कागार पर पहुंच जा रही है। कृषि विभाग का अनुमान है की धान की फसल लगभग 45 प्रतिशत सूख गयी है। तिल, मूंग, उड़द और अरहर की फसल का नुकसान कम हुआ है। जिले में अभी तक वर्षा कम हुई है। मौसम विभाग इस सप्ताह बारिश होने की संभावना जता रहा है।
जिले में एक तरफ सूखा है, तो दूसरी तरफ बाढ़ की समस्या भी है। विकासखण्ड अधिकारियों ने बताया कि सरयू नदी का जल स्तर धीरे-धीरे कम हो रहा है। इसके मद्देनजर बाढ़ग्रस्त इलाकों में बाढ़ का पानी धीरे-धीरे नीचे खिसक रहा है।

