बस्ती। उत्तर प्रदेश के जनपद बस्ती के लालगंज थाने में तैनात 30 वर्षीय महिला आरक्षी केसरी वर्मा की शनिवार सुबह स्वास्थ्य खराब होने के बाद मौत हो गई। मृत महिला सिपाही के पति नागेंद्र वर्मा ने आरोप लगाया है कि सिर में चोट लगने के बाद इलाज के लिए छुट्टी मांगी गई थी, लेकिन एसपी ऑफिस के दो कर्मियों ने छुट्टी देने से मना कर दिया। उनका कहना है कि समय पर छुट्टी मिल जाती तो उनकी पत्नी का बेहतर इलाज हो सकता था और शायद उसकी जान बच जाती।

पत्नी की मौत के बाद पति सिपाही पोस्टमार्टम हाउस पर फूट-फूटकर रोता रहा। उन्होंने लालगंज थाने के एसएचओ को लिखित तहरीर देकर एसपी ऑफिस के दो कर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की। इस दौरान क्षेत्राधिकारी रुधौली अनिल सिंह व हरैया स्वर्णिमा सिंह समेत कई पुलिस अधिकारी मौके पर मौजूद रहे और उन्हें समझाने का प्रयास करते रहे। हालांकि, नागेंद्र एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे।

पुलिसकर्मियों और परिजनों के अनुसार, केसरी वर्मा कुछ दिन पहले छुट्टी पर अपने घर प्रतापगढ़ गई थीं। 22 अगस्त को छुट्टी पूरी होने के बाद वह बस्ती लौट रही थीं। उनका भाई उन्हें स्टेशन छोड़ने के लिए बाइक से साथ आ रहा था। इसी दौरान रास्ते में हादसा हो गया, जिसमें केसरी के सिर में गंभीर चोट लगी।
हादसे के बाद प्रतापगढ़ में उनका इलाज कराया गया। सिर में चोट लगने के कारण डॉक्टरों ने चार टांके लगाए थे। बाद में वह बस्ती लौट आईं। यहां भी उनका इलाज चल रहा था और उन्होंने ड्यूटी ज्वाइन कर ली थी। केसरी के पति नागेंद्र वर्मा का आरोप है कि सिर में चोट लगने के बाद भी उन्हें उपचार के लिए पर्याप्त छुट्टी नहीं मिल सकी। नागेंद्र के मुताबिक, केसरी 27 अगस्त को छुट्टी के लिए एसपी ऑफिस गई थीं। वहां कथित तौर पर उन्हें यह कहते हुए छुट्टी देने से मना कर दिया गया कि ईएल नहीं होगा और मेडिकल लीव भी नहीं मिलेगी।
मौत की सूचना के बाद पुलिस विभाग में भी हड़कंप मच गया। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पोस्टमार्टम हाउस पर परिजनों और पुलिसकर्मियों की भीड़ जुट गई। केसरी वर्मा 2018 बैच की आरक्षी थीं और मूल रूप से प्रतापगढ़ की रहने वाली थीं। करीब दो वर्ष पहले उनकी शादी 2020 बैच के सिपाही नागेंद्र वर्मा से हुई थी। नागेंद्र मूल रूप से अमेठी के रहने वाले हैं। दोनों पति-पत्नी बस्ती के लालगंज थाने में तैनात थे और बनकटी कस्बे में किराए के मकान में रह रहे थे।
