फोन पर आए मैसेज से उलझी मौत की गुत्थी, बेटे की मौत पर पिता ने उठाए सवाल

मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में रेल की पटरी पर मंगलवार को इंजीनियरिंग के 21 वर्षीय छात्र का शव मिलने के बाद हड़कंप मच गया है। इंजीनियरिंग छात्र की मौत के दो दिन बाद प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने भोपाल में पत्रकारों को बताया, ‘‘इंजीनियरिंग छात्र निशांक राठौर के मामले से जुड़े सभी बिंदुओं की विस्तृत जांच के लिए रायसेन पुलिस अधीक्षक को विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन करने के निर्देश दिए गए हैं।” उधर, पुलिस की इस जांच पर निशांक के पिता ने सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि बेटे के मोबाइल से उन्हें जो मैसेज मिला, वो किसने किया।

उन्होंने कहा, ‘‘प्रथम दृष्ट्या पुलिस जांच में आत्महत्या का पहलू सामने आ रहा है। विसरा को संरक्षित किया गया है। आज उसकी मोबाइल की भी जांच की गई है। घटना के पहले का (मृतक के मोबाइल से उसके पिता को भेजा गया) संदेश भी जांच का विषय है। भोपाल पुलिस के मुताबिक़, प्रदेश के सिवनी मालवा के रहने वाले क़रीब 20 साल के निशांक राठौर, भोपाल के ओरियंटल कॉलेज में बी.टेक की पढ़ाई कर रहे थे. शुरुआती जांच में पुलिस ने इस मामले को आत्महत्या का मामला माना था. लेकिन अब पुलिस दूसरे पहलूओं पर भी जांच कर रही है।

यह पूछे जाने पर कि क्या निशांक ने कुछ वित्तीय लेनदेन के कारण यह कदम उठाया है, तो इस पर उन्होंने कहा, ‘‘यह भी जांच के विषय हैं। इसकी भी जांच एसआईटी द्वारा की जाएगी।” मिश्रा ने कहा कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के अनुसार ट्रेन की चपेट में आने के बाद छात्र का शव कमर के नीचे से कटकर अलग हुआ है। रिपोर्ट में रिंग कटिंग आई है। उनके कमर के ऊपर कोई चोट का निशान नहीं था। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की पूर्व प्रवक्ता नुपूर शर्मा की टिप्पणी और रविवार को छात्र का शव मिलने की घटना के बीच किसी भी संबंध से इनकार करते हुए पुलिस ने मंगलवार को कहा कि परिस्थितियां आत्महत्या की ओर इशारा करती हैं, लेकिन मृतक के मोबाइल फोन से भेजे गए संदेश की जांच की जा रही है।

मृतक की पहचान निशांक राठौर (21) के रूप में हुई है, जो भोपाल के एक निजी इंजीनियरिंग कॉलेज में पढ़ता था। वह मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले के सिवनी मालवा का रहने वाले था। अधिकारी ने बताया कि रविवार शाम रेलकर्मी प्रदीप वानखेड़े ने रायसेन जिला स्थित चौकी बरखेड़ा में सूचना दी कि रेल पटरी पर एक व्यक्ति का शव पड़ा है। सूचना पर पुलिस घटनास्थल पर पहुंची। उन्होंने कहा कि इसके बाद शव को ओबेदुल्लागंज सिविल अस्पताल ले जाया गया जहां उसका पोस्टमॉर्टम हुआ। अधिकारी ने बताया कि घटनास्थल से मिले मृतक के मोबाइल फोन को जब्त कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि रेल पटरी से करीब 100 मीटर की दूरी पर सड़क किनारे उसका दोपहिया वाहन खड़ा मिला। उन्होंने कहा कि नर्मदापुरम जिले के सिवनी-मालवा कस्बे के निवासी उसके माता-पिता के अस्पताल पहुंचने के बाद मृतक की पहचान की गई।

पुलिस के अनुसार, निशांक की मौत से करीब 21 मिनट पहले उसके मोबाइल फोन से उसके पिता उमाशंकर राठौर को एक व्हाट्सऐप संदेश भेजा गया था। रायसेन के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमृत मीणा ने मंगलवार को मीडिया को बताया कि इस संदेश में ‘गुस्ताख-ए-नबी की एक सजा, धड़ से सर को अलग करना’ लिखा था। उन्होंने कहा कि यह संदेश निशांक के मोबाइल फोन से उसके पिता को रविवार शाम 5:44 बजे भेजा गया था, जबकि करीब 21 मिनट बाद शाम 6:05 बजे जीटी एक्सप्रेस ट्रेन की चपेट में आकर निशांक की मौत हुई। मीणा ने बताया कि जीटी एक्सप्रेस के तुरंत बाद पीछे से शाम 06:13 बजे दूसरी ट्रेन आई और उस ट्रेन के लोको पायलट ने सूचना दी कि पटरी पर एक शव पड़ा है। उन्होंने कहा, ‘‘व्हाट्सऐप संदेश जांच का विषय है। इसकी जांच की जा रही है।

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