फिरोजाबाद में बेटी और बहू से दुष्कर्म के दोषी को आजीवन कारावास, कोर्ट ने लगाया एक लाख रुपये जुर्माना

फिरोजाबाद में बेटी और बहू से दुष्कर्म के दोषी को आजीवन कारावास, कोर्ट ने लगाया एक लाख रुपये जुर्माना

फिरोजाबाद। न्यायालय ने मंगलवार को रिश्तों को कलंकित कर पुत्री और पुत्रवधू से जबरन दुष्कर्म के दोषी को आजीवन कारावास की सजा से दंडित किया है। कोर्ट ने दोषी पर 1 लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड अदा न करने पर अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।

थाना दक्षिण क्षेत्र अन्तर्गत रहने वाले रामस्वरूप गोस्वामी ने थाना दक्षिण में रिपोर्ट दर्ज कराई कि 9 मई 2024 को उसकी पत्नी, पुत्री, पुत्रवधू, छोटा पुत्र व छोटी पुत्री व धेवती घर से बिना बताए कहीं चले गए है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर इनकी तलाश शुरू कर दी।

पुलिस ने जांच के दौरान रामस्वरूप की पत्नी को बरामद किया और न्यायालय में उसके बयान दर्ज कराए। पत्नी ने अपने बयान में कहा कि उसका पति रामस्वरूप परिवार के लोगों के साथ मारपीट करता है। वह पुत्री और पुत्रवधू के साथ जबरन गलत काम करता है। उसने एक पुत्री के साथ शारीरिक संबंध बनाकर उसे मार डाला। वह कार्यवाही के डर से पुत्रवधू को जहर देकर मारने की बात कह रहा था। उत्पीड़न से तंग आकर हम सभी लोग अलीगढ़ चले गए थे। उसका पुत्र विकास भी उसके पति जैसा है। खुद को बचाने के लिए रामस्वरूप ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है।

पत्नी के बयानों के आधार पर पुलिस ने रास्वरुप गोस्वामी व उसके पुत्र विकास को अभियुक्त बनाकर जेल भेजा तथा पिता – पुत्र के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया।

मुकदमे की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश, त्वरित न्यायालय प्रथम देवदत्त के न्यायालय में हुई। अभियोजन पक्ष की पैरवी सहायक शासकीय अधिवक्ता मनोज शर्मा ने की। न्यायालय में अभियुक्त रामस्वरूप की पत्नी सहित दोनों पीड़िताओं पुत्री व पुत्रवधू एवं कई अन्य अहम गवाहों ने गवाही दी। कई साक्ष्य न्यायालय के समक्ष पेश किए गए।

न्यायालय ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्य व गवाहों की गवाही के आधार पर अभियुक्त रामस्वरूप गोस्वामी को दोषी पाते हुए उसे आजीवन कारावास (शेष नैसर्गिक जीवन की अवधि) की सजा सुनाई है। न्यायालय ने दोषी पर एक लाख रुपए का अर्थदंड लगाया है। अर्थदंड अदा न करने पर 6 महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। न्यायालय ने अर्थदंड की राशि में से 80 प्रतिशत (दोनों पीड़िताओं को आधा-आधा) देने के आदेश भी पारित किए है। न्यायालय ने साक्ष्य के अभाव में अभियुक्त विकास को दोषमुक्त किया है।

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