लखनऊ। समाजवादी पार्टी (सपा) का पीडीए पूरी तरह से एक धोखा है। इसका असली मतलब ‘परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी’ है। जब यह लोग सत्ता में रहते हैं, तो इन्हें सिर्फ अपनी जाति और नाते-रिश्तेदार दिखाई देते हैं। सत्ता से बाहर होने पर ये पिछड़ों को गुमराह करने के लिए पीडीए का नाटक करते हैं। सपा सरकार के दौरान पिछड़ों का हक ‘सफेदा’ लगा-लगाकर लूटा गया। उस दौर में राज्य के सारे पिछड़े दुखी थे। यह बातें भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पिछड़ा वर्ग मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष व राज्यसभा सांसद प्रकाश प्रकाश पाल ने हिन्दुस्थान समाचार से बातचीत में कही।

राज्यसभा सांसद प्रकाश पाल ने कहा कि जब अखिलेश यादव उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने थे, तब उन्होंने एक भी गैर-यादव पिछड़े नेता को कैबिनेट मंत्री नहीं बनाया। शिवपाल यादव, पारसनाथ यादव, दुर्गा प्रसाद यादव, बलराम यादव, राम गोविंद चौधरी और अंबिका चौधरी-ये सब उनके अपने सजातीय ही थे। कुर्मी, लोधी, पाल, चौरसिया, गुर्जर, जाट, हलवाई, स्वर्णकार और ठठेर जैसी किसी भी गैर-यादव पिछड़ी जाति से कोई कैबिनेट मंत्री नहीं था।

अब राज्यसभा भेजने की बारी आई तो भी एक सीट चाचा को दी, दूसरी दौलतमंद को और तीसरी सीट पर शायद अपराधी लड़ाते। आज वे खुद सपा का नाम लेने से बच रहे हैं। हर कोई जानता है कि उनकी सरकार में नौकरियां कैसे लूटी गईं और कानून-व्यवस्था का क्या हाल था। महिलाओं और बच्चों का स्कूल व बाजार जाना मुश्किल हो गया था। उन्होंने प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह जैसे महान पिछड़े नेता को सिर्फ इसलिए श्रद्धांजलि नहीं दी क्योंकि वह राम मंदिर के पक्षधर थे। यह इनका सामान्य शिष्टाचार है।
सरदार पटेल की वोट चोरी कर प्रधानमंत्री बने नेहरू
विपक्ष द्वारा उठाये जा रहे वोट चोरी के प्रश्न पर भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष प्रकाश पाल ने कहा कि कांग्रेस खुद ‘खानदानी वोट चोर’ है। इतिहास गवाह है कि देश के पहले प्रधानमंत्री के चुनाव के लिए 15 में से 12 वोट सरदार वल्लभभाई पटेल के पक्ष में पड़े थे। फिर भी उनकी वोट चोरी करके पंडित नेहरू प्रधानमंत्री बन गए। इनकी दादी इंदिरा गांधी ने समाजवादी नेता लोकबंधु राज नारायण के खिलाफ रायबरेली से चुनाव में वोट चोरी कराई। जब इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने उनका चुनाव रद्द कर दिया और उच्चतम न्यायालय से भी राहत नहीं मिली, तो अपनी कुर्सी बचाने के लिए इंदिरा गांधी ने पूरे लोकतंत्र को बंधक बनाकर देश में आपातकाल लगाया।
भाजपा सांसद ने कहा कि राहुल गांधी भारत विरोधी शक्तियों से मिलकर बांग्लादेश और नेपाल जैसी अराजकता भारत में फैलाना चाहते हैं। वे लगातार संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम कर रहे हैं। चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार तो अभी बने हैं और उन्होंने सिर्फ कानून के तहत मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कराया है, लेकिन कांग्रेस को इससे भी दिक्कत है। कांग्रेस पिछले 59 सालों से तमिलनाडु में नहीं है, वर्षों से पश्चिम बंगाल, ओडिशा, गुजरात और त्रिपुरा से बाहर है। 41 सालों से उत्तर प्रदेश में सत्ता से बाहर है। इन्हें सिर्फ भाजपा सरकार और नियम-कानूनों से दिक्कत है। हमारा रुख साफ है कि देश से घुसपैठिए बाहर होने चाहिए। इंडी गठबंधन के नेता भारत को विखण्डित करने की साजिश कर रहे हैं। सारे पिछड़े इन सबको सबक सिखायेंगे।
प्रकाश पाल ने कहा कि योगी-मोदी राज में देश निरंतर आगे बढ़ रहा है। विपक्ष केवल भ्रम फैलाने की राजनीति कर रहा है। मोदी विरोध में पूरा इंडी गठबंधन आज भारत विरोधी ताकतों के साथ खड़ा हो गया है। उत्तर प्रदेश के विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) चुनाव में भाजपा ने अपनी छह सीटें बरकरार रखीं, जबकि देश के बाकी राज्य के नतीजों में 28 सीटों पर कांग्रेस शून्य रही। जनता ने स्पष्ट रूप से ‘कांग्रेस मुक्त भारत’ का संदेश दिया है। आज कांग्रेस देश के लिए एक बड़ा खतरा बन चुकी है।
भाजपा नेता ने उत्तर प्रदेश में सपा-कांग्रेस के गठबंधन पर कहा कि यह ‘दो लड़कों की जोड़ी’ 2017 में भी साथ आई थी। हम इन्हें लगातार हरा रहे हैं। अरविंद केजरीवाल भी कहते थे कि दिल्ली में सरकार नहीं बनने देंगे। वे खुद हार गए। साल 2024 के बाद देश का राजनीतिक ट्रेंड पूरी तरह बदल चुका है। हरियाणा, महाराष्ट्र, दिल्ली, बिहार और पश्चिम बंगाल में जनता ने भाजपा को चुना है। यही ट्रेंड अब उत्तर प्रदेश में भी चलेगा और आगामी चुनाव में भाजपा उत्तर प्रदेश में 350 से अधिक सीटें जीतकर तीसरी बार प्रचंड बहुमत की सरकार बनाएगी।
राज्यसभा सांसद प्रकाश पाल ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बिना पिछड़ा के उत्तर प्रदेश में कोई चुनावी गणित है ही नहीं। ओबीसी मोर्चा भाजपा का सबसे बड़ा फलदायी वृक्ष है। ओबीसी मोर्चा गांव-गांव जाकर जनता को यह बताने का काम करेगा कि सपा सरकार ने किस तरह पिछड़ों का हक लूटा और उनके नाम पर केवल परिवार का भला किया। इस दौरान हम अपनी उपलब्धियां भी बतायेंगे। पिछड़े व गरीबों को ही सरकारी योजनाओं को लााभ सर्वाधिक मिला है। आज समाज के सभी वर्गों के लोग योग्यता के आधार पर नौकरियां पा रहे हैं।

