
शामली(गढ़ीपुख्ता)। क्षेत्र के गांव दुल्लाखेड़ी में मंगलवार को हिन्दू हृदय सम्राट महाराजा पृथ्वीराज चौहान की विशालकाय प्रतिमा का अनावरण किया गया। इस अवसर पर पूर्व कैबिनेट मंत्री सुरेश राणा ने पृथ्वीराज चौहान के जीवन पर प्रकाश डालते हुए उन्हें महान हस्ती बताया। राणा ने कहा कि पृथ्वीराज चौहान राजपूत थे और हमेशा रहेंगे। ऐसे महापुरुष कभी-कभी पैदा होते हैं। उन्होंने कहा कि पृथ्वीराज चौहान ने 16 बार मौहम्मद गौरी को युद्ध में करारी शिकस्त दी थी लेकिन 17वीं बार आपसी फूट के कारण मौहम्मद गौरी ने उन्हें बंधक बना लिया था। पृथ्वीराज चौहान ने कभी भी दासता को स्वीकार नहीं किया। 

जानकारी के अनुसार मंगलवार को गढ़ीपुख्ता क्षेत्र के गांव दुल्लाखेड़ी में हिन्दू हृदय सम्राट महान राजा पृथ्वीराज चौहान की विशालकाय प्रतिमा का अनावरण किया। पूर्व कैबिनेट मंत्री सुरेश राणा ने प्रतिमा का अनावरण किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सुरेश राणा ने कहा कि पृथ्वीराज चौहान एक महान हस्ती थे, उनका नाम इतिहास में वीरता, शौर्य, त्याग, पराक्रम ओर दृढ प्रण के लिए अमर है। पृथ्वीराज चौहान ने मुगलों की अधीनता कभी स्वीकार नहीं की और कई सालों तक संघर्ष किया। उन्होंने मौहम्मद गौरी जैसे आतातयी शासक को 16 बार युद्ध में करारी शिकस्त दी लेकिन 17वीं बार के युद्ध में आपसी फूट के कारण वे युद्ध हार गए और मौहम्मद गौरी उन्हें बंधक बनाकर काबुल कंधार ले गया था। पृथ्वीराज चौहान ने मौहम्मद गौरी की गुलामी स्वीकार नहीं की और अपना बलिदान दे दिया। महाराजा पृथ्वीराज चौहान इतने साहसी थे कि उन्होंने बचपन में शेर का जबड़ा फाड दिया था। अपने शासनकाल में महाराजा पृथ्वीराज चौहान ने हिन्दुस्तान के लिए कई बडे काम किए ऐसे महापुरुष कभी-कभी ही जन्म लेते हैं। पूर्व मंत्री ने कहा कि महाराजा पृथ्वीराज चौहान ने इतिहास में अपना नाम अजर-अमर कर दिया तथा धर्म एवं स्वाधनीता के लिए अपना बलिदान दे दिया था। ऐसे वीर सम्राट, शूरवीर, पराक्रमी व साहसी राष्ट्रभक्त को शत-शत नमन करते हैं। पूर्व मंत्री ने कहा कि पृथ्वीराज चौहान राजपूत थे और हमेशा रहेंगे। कार्यक्रम को पूर्व विधायक ठा. जगत सिंह, थानाभवन के पूर्व ब्लाक प्रमुख शेरसिंह राणा, जिला पंचायत सदस्य अरूण राणा, ठा. पूरनसिंह आदि ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर ठा. धर्मपाल सिंह, करण सिंह, लवी राणा, कान्हा राणा, विजय राजपूताना, अमित प्रधान ताहरपुर, ठा. अजय सोम, गौतम प्रधान हरड, कार्तिक राणा, अशोक राणा, तेजपाल प्रधान दुल्लाखेडी, अंकुर राणा, रिंकू राणा हरियाणा, सुधीर राणा, ओमबीर राणा, ब्रहमपाल राणा, सीटू राणा, राहुल राणा, गौरव राणा, आकाश राणा, आशुतोष राणा, विवेक राणा, आदर्श राणा, सुमित राणा, घनश्याम सिंह, तेजपाल सिंह ठा. बाबा ब्रहमपाल सिंह, सतबीर फौजी, बिजेन्द्र सिंह, पंकज राण प्रधान, नंदू राणा, सुमित राणा, अजय राणा, डा. बबलू राणा, शिवराम राणा फौजी आदि भी मौजूद रहे।
