नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को ‘विकसित भारत संकल्प सभा’ को संबोधित करते हुए देश के भविष्य को लेकर भरोसा जताया। उन्होंने कहा कि भारत के सामने चुनौतियां जरूर हैं, लेकिन देश के पास 140 करोड़ समाधान भी हैं। उन्होंने कहा कि जिस तरह आज दुनिया भारत के पायलटों की चर्चा कर रही है, उसी तरह एक दिन दुनिया ‘मेड इन इंडिया’ विमान की भी बात करेगी।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत को बड़े और महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित करने होंगे। दूरदर्शी नीतियों और निरंतर मेहनत के बल पर देश हर चुनौती को अवसर में बदल सकता है। उन्होंने कहा कि भारत को अब रुकने का कोई कारण नहीं है और 140 करोड़ देशवासी मिलकर वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को निश्चित रूप से हासिल करेंगे।

‘मेड इन इंडिया’ विमान बनाने का लक्ष्य
पीएम मोदी ने कहा कि आज दुनिया भारत के पायलटों की बात कर रही है। आने वाला समय ऐसा होगा जब दुनिया ‘मेड इन इंडिया’ विमान की बात करेगी। उन्होंने कहा कि यह लक्ष्य दूरदर्शी नीतियों, नवाचार और लगातार कड़ी मेहनत के जरिए हासिल किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि देश की सामर्थ्य को देखते हुए बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने का समय आ गया है। भारत के पास संसाधन भी हैं और उन्हें आगे बढ़ाने के लिए 140 करोड़ देशवासियों की शक्ति भी है।
स्वामी विवेकानंद और महर्षि अरबिंदो का किया उल्लेख
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में स्वामी विवेकानंद और महर्षि अरबिंदो के विचारों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने एक अद्भुत, गौरवशाली और महान भारत के उदय की बात कही थी। वहीं महर्षि अरबिंदो ने भारत के भाग्य के सूरज के उगने और उसकी रोशनी से पूरे विश्व के आलोकित होने की कल्पना की थी।
पीएम मोदी ने कहा कि भारत के पूर्वजों के अदम्य साहस, तप, त्याग और बलिदान का परिणाम है कि आज देश के पास अपने सपनों को पूरा करने की स्वतंत्रता और सामर्थ्य दोनों हैं। उन्होंने कहा कि आज भारतीय स्वयं अपनी नियति के नियंता हैं।
दुनिया की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होने का लक्ष्य
प्रधानमंत्री ने कहा कि अब देश के लिए बड़े और असाधारण लक्ष्य तय करने का समय है। उन्होंने बेहतर भारत, दुनिया की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में शामिल भारत और गरीबी से मुक्त भारत का लक्ष्य सामने रखा।
उन्होंने कहा कि शिक्षा, मनोरंजन, स्वास्थ्य एवं कल्याण, खेल, नवाचार और तकनीक समेत हर क्षेत्र में भारत नेतृत्व करने की क्षमता रखता है। लक्ष्य ऐसा होना चाहिए कि दुनिया के हर क्षेत्र में भारत की ओर देखे और हर क्षेत्र में तिरंगा गर्व के साथ लहराए।
2047 तक विकसित भारत का भरोसा
प्रधानमंत्री ने कहा कि वर्ष 2026 में देश जिस विकसित भारत का सपना देख रहा है, वह जरूर पूरा होगा। उन्होंने कहा कि भारत के सामने अब रुकने का कोई कारण नहीं है। करीब एक सदी पहले देश की आबादी 40 करोड़ से भी कम थी, जबकि आज भारत में 140 करोड़ से अधिक लोग हैं।
उन्होंने कहा कि 140 करोड़ देशवासी मिलकर 2047 का विकसित भारत बनाएंगे और इस लक्ष्य को हासिल करके रहेंगे।
25 करोड़ लोगों के गरीबी से बाहर निकलने का किया जिक्र
पीएम मोदी ने देश में गरीबी कम करने की दिशा में हुई प्रगति का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि जो बात कभी असंभव लगती थी, वह अब संभव हुई है। एक दशक के भीतर 25 करोड़ लोगों के गरीबी से बाहर निकलने का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि भारत ने यह कर दिखाया है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्हें 140 करोड़ भारतीयों की शक्ति और क्षमता पर पूरा भरोसा है। सार्वजनिक जीवन के 25 वर्षों के अनुभव के आधार पर उन्होंने कहा कि वह अपनी आंखों के सामने भारत में हो रहे बदलाव को देख रहे हैं।
जन-जन तक पहुंचाने का है उद्देश्य
‘विकसित भारत संकल्प सभा’ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर और ‘सेवा ज्योति यात्रा’ के तहत आयोजित प्रमुख कार्यक्रमों का हिस्सा है। इसका उद्देश्य वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाना और केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाना है।

