नई दिल्ली। दुनिया में एक ऐसा समुदाय भी है, दुनिया में जहां एक पिता अपनी बच्ची को पालता-पोसता है और जैसे ही वो बड़ी होती है, वो उससे शादी कर लेता है। ये कुप्रथा यहाँ सदियों से चली आ रही है।

दुनिया में कई तरह की प्रथाएं और कुप्रथाएं देखने और सुनने को मिलती हैं। कुप्रथाओं के कारण कई महिलाओं की जिंदगी आज भी बर्बाद हो रही है।

एक ऐसी ही कुप्रथा बांग्लादेश के मंडी जनजाति की है, जहां एक पिता अपनी बच्ची को पालता-पोसता है और जब वो जवान होती है, तो वो उसका पति बन जाता है। सुनने में अजीबोगरीब परंपरा है न, लेकिन ये सच्चाई है।
बांग्लादेश के मंडी जनजाति में अजीबोगरीब में जब कोई पुरुष कम उम्र की विधवा से विवाह करता हैए तब ही ये तय हो जाता है कि उस महिला की बेटी आगे चलकर उस शख्स के साथ विवाह कर लेता है।
जब भी इस समुदाय में कोई पुरुष कम उम्र की विधवा से शादी करता है, तभी ये बात फाइनल कर दी जाती है कि उसकी सौतेली बेटी उसकी बीवी बनेगी।
जिस पुरुष को बच्ची छोटी उम्र में पिता बुलाती है, वो उसका आगे चलकर पति बन जाता है। ये प्रथा यहाँ आज से नहीं है, बल्कि सदियों से चली आ रही है।
इस कुप्रथा के लिए पिता का सौतेला होना जरूरी है। जब एक विधवा से दूसरा पुरुष शादी करता हैए तो वो उस महिला की पहली शादी से हुई बच्ची से आगे चलकर शादी करता है।
इसके पीछे का तर्क ये है कि कम उम्र का पति अपनी पत्नी और बेटी दोनों को लंबे समय तक सुरक्षा देता है, उनकी हिफाजत करता है।
इस कुप्रथा से यहाँ मंडी जनजाति की कई बच्चियों का जीवन बर्बाद हो चुका है। जिसे बचपन से बच्चियाँ अपना पिता मानती हैं, उन्हें उसे पति मानने के लिए विवश होना पड़ता है।

