पिछले आठ वर्ष लोकतंत्र के काले अध्याय के रूप में देखे जाएंगे

पिछले आठ वर्ष लोकतंत्र के काले अध्याय के रूप में देखे जाएंगे

नयी दिल्ली। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बुधवार को केन्द्र सरकार पर हमला करते हुए कहा कि पिछले आठ वर्षों को आजाद भारत के इतिहास में एक ‘काले अध्याय’ के रूप में देखा जाएगा।
गहलोत ने आज यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा, “पिछले आठ वर्षो को भारतीय लोकतंत्र का ‘काला अध्याय’ कहा जाएगा। हर गली में तनाव है। हम लोगों को नारे लगाते हुए देख रहे हैं, चाहे हिंदू हो या मुस्लिम।”
उन्होंने कहा, “विपक्षी दलों ने मांग की है कि प्रधानमंत्री देश में शांति के लिए अपील करें। 13 दलों ने यह मांग की है। कल मैंने फिर से अनुरोध किया, लोग डरे हुए हैं, हर जगह सांप्रदायिक तनाव है। वह क्यों झिझक रहे हैं?”
वहीं छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि यह पहली बार जब कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ता अपनी ही पार्टी के कार्यालय में आने की अनुमति नहीं है।
उन्होंने कहा, “भाजपा का राष्ट्रवाद जोकि आयातित राष्ट्रवाद है, उसमें जो भी विरोधी में हो उसे दबा दिया जाए और कुचल दिया जाए।”
पार्टी महासचिव मुकुल वासनिक ने बताया किया कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री, लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी, उन्हें और अन्य को दिल्ली के बदरपुर इलाके में हिरासत में लिए गए पार्टी नेताओं से मिलने के लिए रास्ते में रोका गया।
उन्होंने कहा, “हम कानून नहीं तोड़ेंगे, लेकिन अगर आप हमारे संवैधानिक अधिकार से वंचित करते हैं तो हम गांधीवादी तरीके से अपना विरोध जारी रखेंगे।”
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी को बुधवार को लगातार तीसरे दिन प्रवर्तन निदेशालय में पूछताछ के लिए पेश होना है। कांग्रेस ने इस मामले को राजनीति से प्रेरित है और इसे ‘राजनीतिक प्रतिशोध’ बताया है।
उल्लेखनीय है कि आज भी मध्य दिल्ली में पाबंदियां जारी रहीं और कई सड़कों पर बैरिकेडिंग लगे रहे। अकबर रोड स्थित कांग्रेस मुख्यालय के चारों ओर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात है और केवल चुनिंदा लोगों को ही प्रवेश की अनुमति दी गई।

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