सहारनपुर। विधान परिषद सदस्यों का चुनाव होना है और सपा के चार सदस्य चुने जाने तकरीबन तय हैं। कांग्रेस छोड़ समाजवादी में शामिल होने वाले इमरान मसूद व पूर्व जिलाध्यक्ष चौधरी रुद्रसेन सहित कई लोगों ने अपनी दावेदारी पेश की है,जिनमें से समाजवादी पार्टी के सिपाही सरफराज खान के पुत्र एवं युवा नेता शाहनवाज खान शब्बू को सपा सुप्रीमो द्वारा पार्टी प्रत्याशी घोषित किया है। जिसे लेकर उनके समर्थकों में हर्ष का माहौल है। वहीं चर्चा है कि शब्बू को पार्टी से वफादारी का ईनाम मिला है। या फिर यूं कहें सपा के कर्णधार पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खान की खिदमत रंग लाई है। जिस कारण उन्हें पार्टी द्वारा विश्वास जताते हुए प्रत्याशी बनाया है। बता दें कि सरफराज खान न तो कभी सपा से अलग हुऐ और न ही आजम खान से दूर हटे चाहे खुशी के पल रहे हों या फिर विपत्ति के पल रहे हों,सरफराज खान अपने अडिग कदमों से पार्टी के साथ व अपने रहनुमा आज़म खान के साथ कदम से कदम मिलाकर चलते रहे। आज इसी के परिणामस्वरूप शाहनवाज उर्फ शब्बू को एमएलसी प्रत्याशी के रूप में नवाजा गया है। हालांकि लाईन में कई अन्य धुरंधर मौजूद थे। बताया जाता है कि आजम के जेल के बुरे वक्त में सरफराज जहां ढाल बनकर खड़े रहे वहीं शब्बू ने जेल, स्थानीय अदालत, हाईकोर्ट और वकीलों से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक जबरदस्त पैरवी की। जिसके बारे में आजम भली भांति जानते हैं। पिछले लोकसभा चुनाव में गठबंधन उम्मीदवार हाजी फजलुर्रहमान के चुनाव में भी शब्बू ने अपनी बेहतर कार्यकुशलता व व्यवहार से चुनावी मैनेजमेंट का भरपूर मुजाहिरा कर खुद को एक मंझा हुआ राजनीतिक खिलाड़ी साबित भी किया। सूत्रों के मुताबिक अखिलेश यादव भी युवा शब्बू को तरजीह देते हैं और शायद अब अपनी टीम में विधान परिषद सदस्य के तौर पर जोड़कर उनकी महनत वफादारी का ईनाम देना चाहते हैं। गौरतलब है सपा के सिपाही सरफराज खान अब उम्र के आखिरी पड़ाव में कदम रख चुके हैं तो ऐसे में उन्हें अपने राजनीतिक वारिस को राजनीति में आगे लाना मजबूरी है। वहीं शब्बू भी अपने बेहतर व्यवहार के चलते समर्थकों मंे लोकप्रियता बटौर रहे हैं। आज उसी का नतीजा जो उन्हें एमएलसी प्रत्याशी बनाया गया है। अब देखना है जनपद में एमएलसी का सेहरा किसके सर सजता है यह आने वाला समय ही बतायेगा।
