मुजफ्फरनगर। जनपद के बुढ़ाना कस्बे में एक नवविवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया है। मौत से ठीक पहले बेटी द्वारा अपने पिता को रोते-बिलखते हुए किया गया फोन कॉल अब इस पूरे मामले का सबसे अहम पहलू बनकर सामने आया है। फोन पर बेटी की आखिरी गुहार थी, “पापा मुझे बचा लो, ये लोग मुझे मार डालेंगे, मुझे यहां से ले जाओ।” लेकिन पिता की बेबसी और बेटी की चीखों के बीच कुछ ही देर बाद वह हमेशा के लिए खामोश हो गई। उसका शव ससुराल के घर के भीतर फंदे से लटका मिला। घटना के बाद मायके पक्ष में कोहराम मच गया। पिता की तहरीर पर पुलिस ने पति समेत ससुराल पक्ष के कई लोगों के खिलाफ दहेज हत्या, उत्पीड़न और अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज करते हुए मुख्य आरोपी पति को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि अन्य आरोपी फरार हैं।

बुढ़ाना कस्बे की रहने वाली बीस वर्षीय स्नेहा पुत्री दीपक कुमार और पड़ोस में रहने वाले चौबीस वर्षीय आकाश खटीक के बीच लंबे समय से प्रेम संबंध थे। दोनों एक-दूसरे से विवाह करना चाहते थे, लेकिन अलग-अलग जाति होने के कारण दोनों परिवार इस रिश्ते के खिलाफ थे। विरोध बढ़ने पर वर्ष दो हजार चौबीस में दोनों घर छोड़कर चले गए। करीब एक माह तक घर से दूर रहने के बाद सामाजिक दबाव, रिश्तेदारों की पहल और बच्चों की जिद के आगे दोनों परिवारों ने आखिरकार सहमति दे दी। इसके बाद दोनों का कानूनी रूप से विवाह करा दिया गया।

शादी के बाद शुरुआत में सब कुछ सामान्य दिखाई दिया, लेकिन कुछ ही समय बाद हालात बदलने लगे। स्नेहा के माता-पिता दिल्ली चले गए, जबकि उसके पिता दीपक कुमार रोजगार के सिलसिले में ऋषिकेश में हलवाई का काम करने लगे। दूसरी ओर पति आकाश बुढ़ाना स्थित एक वॉटर पार्क में मैनेजर के रूप में नौकरी करने लगा। पिता का आरोप है कि विवाह के कुछ समय बाद ही ससुराल वालों का व्यवहार पूरी तरह बदल गया। प्रेम विवाह और बिना दहेज शादी करने की बात को लेकर स्नेहा को लगातार ताने दिए जाने लगे। उसे बार-बार अपमानित किया जाता था और मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाने लगा।
मृतका के पिता दीपक कुमार ने पुलिस को दी तहरीर में आरोप लगाया कि ससुराल पक्ष ने धीरे-धीरे दहेज की मांग शुरू कर दी। उनसे बीस लाख रुपये नकद और एक नई कार लाने का दबाव बनाया जाने लगा। जब उन्होंने आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए इतनी बड़ी मांग पूरी करने में असमर्थता जताई तो उनकी बेटी पर अत्याचार और बढ़ गया। आरोप है कि पति, सास, जेठ और चाचा ससुर आए दिन स्नेहा के साथ मारपीट करते थे और छोटी-छोटी बातों को लेकर उसे अपमानित करते थे।
पिता ने बताया कि उनकी बेटी कई बार फोन पर अपना दर्द बयां कर चुकी थी। उसने बताया था कि घर में रोटी कम बन जाने जैसी मामूली बात पर भी उसके साथ बेरहमी से मारपीट की गई थी। वह अक्सर रोते हुए कहती थी कि ससुराल वाले उसे जीने नहीं दे रहे हैं। पिता अपनी बेटी को समझाकर धैर्य रखने और जल्द ही कोई रास्ता निकालने का भरोसा देते रहे, लेकिन उन्हें यह अंदाजा नहीं था कि हालात इतनी भयावह दिशा में पहुंच जाएंगे।
घटना वाली रात स्नेहा ने छिपकर अपने पिता दीपक कुमार को फोन किया। बताया जा रहा है कि उस समय वह बेहद डरी हुई थी और लगातार रो रही थी। वायरल हो रहे कथित ऑडियो में उसकी चीखें और सिसकियां साफ सुनाई दे रही हैं। वह बार-बार अपने पिता से कह रही थी कि उसे बचा लिया जाए क्योंकि ससुराल वाले उसे मार डालेंगे। पिता ने अपनी मजबूरी बताते हुए कहा कि वह उस समय ऋषिकेश में हैं और तुरंत रात में बुढ़ाना पहुंचना संभव नहीं है। उन्होंने बेटी को किसी तरह अपनी मां के पास दिल्ली पहुंच जाने की सलाह दी, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। यह बाप-बेटी की आखिरी बातचीत साबित हुई।
कुछ ही देर बाद ससुराल पक्ष ने स्नेहा के फंदे पर लटके होने की सूचना दी। आनन-फानन में उसे नीचे उतारकर अस्पताल ले जाया गया। इस बीच अस्पताल का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया है, जिसमें आकाश का भतीजा मनोज अपनी चाची स्नेहा को गोद में उठाकर अस्पताल के भीतर ले जाता दिखाई दे रहा है। अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
घटना की सूचना मिलते ही ऋषिकेश से पिता दीपक कुमार बदहवास हालत में मुजफ्फरनगर पहुंचे। अस्पताल पहुंचकर उन्होंने अपनी बेटी का शव देखा तो फूट-फूटकर रो पड़े। उन्होंने पुलिस के सामने साफ आरोप लगाया कि उनकी बेटी ने आत्महत्या नहीं की, बल्कि पति आकाश, चाचा ससुर प्रमोद, सास और जेठ रजत ने मिलकर पहले उसकी हत्या की और बाद में पूरे मामले को आत्महत्या का रूप देने के लिए शव को फंदे से लटका दिया। पिता का कहना है कि यदि उनकी बेटी आत्महत्या करने वाली होती तो मरने से कुछ मिनट पहले उन्हें फोन कर अपनी जान बचाने की गुहार नहीं लगाती।
घटना की सूचना पर पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए गए। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण फांसी लगने से दम घुटना बताया गया है। हालांकि पुलिस इस मामले को केवल आत्महत्या मानकर जांच समाप्त नहीं कर रही है। वायरल ऑडियो, पिता की तहरीर और अन्य परिस्थितिजन्य साक्ष्यों को भी गंभीरता से जांच का हिस्सा बनाया गया है।
पुलिस ने मृतका के पिता की शिकायत के आधार पर पति आकाश खटीक, चाचा ससुर प्रमोद धनगर, सास और जेठ रजत के खिलाफ दहेज हत्या, दहेज उत्पीड़न और अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी पति आकाश खटीक को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। वहीं घटना के बाद से फरार चल रहे अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।
प्रेम विवाह से शुरू हुई यह कहानी अब एक दर्दनाक मौत और गंभीर आरोपों के साथ कानून की चौखट पर पहुंच गई है। एक ओर पिता अपनी बेटी के लिए इंसाफ की मांग कर रहे हैं, तो दूसरी ओर पुलिस हर पहलू की गहनता से जांच करने का दावा कर रही है। वायरल ऑडियो, अस्पताल का वीडियो और पोस्टमार्टम रिपोर्ट इस मामले की जांच में महत्वपूर्ण कड़ियां मानी जा रही हैं। पूरे इलाके में इस घटना को लेकर गहरा आक्रोश है और लोग दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

