Posted inराज्य नीतीश-तेजस्वी की बढ़ती नजदीकियों से असहज भाजपा ने सीबीआई का छापा डलवाया Posted by admin May 20, 2022No CommentsPosted inराज्य पटना। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के वरिष्ठ नेता शिवानंद तिवारी ने आरोप लगाया कि जातीय जनगणना के मुद्दे पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और प्रतिपक्ष के नेता तेजस्वी प्रसाद यादव के बीच बढ़ती नजदीकियों से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) असहज हो गई है और इसी कारण उसने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी के ठिकानों पर छापा डलवाया है। तिवारी ने शुक्रवार को यहां कहा कि लालू प्रसाद यादव औरराबड़ी देवी से जुड़े अन्य स्थानों पर सीबीआई की छापेमारी कहीं नीतीश कुमार को चेतावनी तो नहीं है । उन्होंने कहा कि जातीय जनगणना के मुद्दे पर नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव के बीच बढ़ती नज़दीकी भाजपा को असहज कर रही है । छापेमारी के समय का चयन तो इसी ओर इशारा कर रहा है । राजद नेता ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ जातीय जनगणना के विरुद्ध है। जातीय जनगणना से यह सामने आ जाएगा कि किनकी कितनी संख्या है और उसके अनुपात में देश के संसाधनों का कौन कितना उपभोग कर रहा है । इस जानकारी के बाद बहुसंख्यक आबादी जो वंचित है उसमें साधनों के बँटवारे की सशक्त और वैध मांग उठ सकती है । तिवारी ने कहा, “अन्यथा इतने पुराने मामले में अब तक नींद में सोई सीबीआई अचानक कैसे जाग गई । वह भी जब नीतीश कुमार जातीय जनगणना के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाने जा रहे हैं, लेकिन ऐसी कार्रवाई के द्वारा सच को कब तक दबा कर रखा जा सकता है।” गौरतलब है कि सीबीआई ने आज रेलवे भर्ती घोटाले के मामले में सीबीआई ने लालू प्रसाद यादव,पत्नी राबड़ी देवी और बड़ी पुत्री मीसा भारती के 17 ठिकानों पर छापेमारी की है । दरअसल लालू प्रसाद यादव वर्ष 2004 से 2009 के बीच संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार में रेल मंत्री थे । इसी दौरान रेलवे में भर्ती के लिए कथित तौर पर जमीन लिखवाने के आरोप से संबंधित एक नया मामला लालू प्रसाद यादव और उनके परिजनों पर दर्ज होने के बाद सीबीआई ने यह कार्रवाई की है । Post Views: 2 admin View All Posts Post navigation Previous Post ज्ञानवापी पर हिंदू पक्ष का सुप्रीम कोर्ट में लिखित जवाब, विवादित स्थल मस्जिद नहीं, मंदिर हैNext Post‘जनता के पानी मांगने पर उन्हें धर्म के नाम पर गुमराह कर दिया जाता है’
तिवारी ने शुक्रवार को यहां कहा कि लालू प्रसाद यादव औरराबड़ी देवी से जुड़े अन्य स्थानों पर सीबीआई की छापेमारी कहीं नीतीश कुमार को चेतावनी तो नहीं है । उन्होंने कहा कि जातीय जनगणना के मुद्दे पर नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव के बीच बढ़ती नज़दीकी भाजपा को असहज कर रही है । छापेमारी के समय का चयन तो इसी ओर इशारा कर रहा है । राजद नेता ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ जातीय जनगणना के विरुद्ध है। जातीय जनगणना से यह सामने आ जाएगा कि किनकी कितनी संख्या है और उसके अनुपात में देश के संसाधनों का कौन कितना उपभोग कर रहा है । इस जानकारी के बाद बहुसंख्यक आबादी जो वंचित है उसमें साधनों के बँटवारे की सशक्त और वैध मांग उठ सकती है । तिवारी ने कहा, “अन्यथा इतने पुराने मामले में अब तक नींद में सोई सीबीआई अचानक कैसे जाग गई । वह भी जब नीतीश कुमार जातीय जनगणना के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाने जा रहे हैं, लेकिन ऐसी कार्रवाई के द्वारा सच को कब तक दबा कर रखा जा सकता है।” गौरतलब है कि सीबीआई ने आज रेलवे भर्ती घोटाले के मामले में सीबीआई ने लालू प्रसाद यादव,पत्नी राबड़ी देवी और बड़ी पुत्री मीसा भारती के 17 ठिकानों पर छापेमारी की है । दरअसल लालू प्रसाद यादव वर्ष 2004 से 2009 के बीच संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार में रेल मंत्री थे । इसी दौरान रेलवे में भर्ती के लिए कथित तौर पर जमीन लिखवाने के आरोप से संबंधित एक नया मामला लालू प्रसाद यादव और उनके परिजनों पर दर्ज होने के बाद सीबीआई ने यह कार्रवाई की है ।