नीट-यूजी पेपर लीक मामला: 10 आरोपियों की न्यायिक हिरासत 29 जून तक बढ़ी

नीट-यूजी पेपर लीक मामला: 10 आरोपियों की न्यायिक हिरासत 29 जून तक बढ़ी

नई दिल्ली। दिल्ली की एक अदालत ने सोमवार को नीट यूजी पेपरलीक मामले में 10 आरोपियों की न्यायिक हिरासत 29 जून तक बढ़ा दी। इस मामले की जांच सीबीआई कर रही है। आरोपियों की न्यायिक हिरासत खत्म होने पर उन्हें तिहाड़ जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने यश यादव, मांगीलाल बिवाल, दिनेश बिवाल, विकास बिवाल, धनंजय लोखंडे, तेजस हर्षद शाह, शुभम खैरनार, मनीषा वाघमारे, मनीषा संजय हवलदार और डॉ. मनोज शिरुरे की न्यायिक हिरासत 29 जून तक बढ़ा दी।

 

राउज एवेन्यू कोर्ट ने सीबीआई को जेल के अंदर तीन आरोपियों शुभम खैरनार, मनीषा वाघमारे और धनंजय लोखंडे से 17, 18 और 19 जून को पूछताछ करने की भी अनुमति दे दी। जांच एजेंसी को कथित परीक्षा पेपर लीक मामले में चल रही जांच के तहत हर आरोपी से एक घंटे तक पूछताछ करने की अनुमति दी गई है। सीबीआई ने इस मामले में अब तक 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया है और परीक्षा से पहले नीट-यूजी प्रश्न पत्र हासिल करने और उन्हें फैलाने में शामिल एक कथित नेटवर्क की जांच कर रही है। इससे पहले 1 जून को राउज़ एवेन्यू कोर्ट ने आरोपियों डॉ. मनोज शिरुरे, तेजस हर्षदकुमार शाह और मनीषा संजय हवलदार को 15 जून तक न्यायिक हिरासत में भेजा था। केंद्रीय एजेंसी का आरोप है कि लातूर के डॉक्टर शिरुरे ने परीक्षा से पहले कथित मास्टरमाइंड पीवी कुलकर्णी से केमिस्ट्री के सवाल हासिल करने में तीन छात्रों जिनमें एक आरोपी कोचिंग सेंटर मालिक का बेटा भी शामिल था, उसकी मदद करने में अहम भूमिका निभाई थी। पुणे स्थित अभंग प्रभु मेडिकल अकादमी में फिजिक्स पढ़ाने वाले तेजस हर्षद कुमार शाह पर आरोप है कि उन्हें सह आरोपी मनीषा हवलदार से लीक हुए फिजिक्स के सवाल मिले थे।

 

यह मामला नीट-यूजी 2026 परीक्षा का पेपर कथित तौर पर लीक होने से जुड़ा है, जिसके बाद सीबीआई ने केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के तहत उच्च शिक्षा विभाग की शिकायत के आधार पर 12 मई को एफआईआर दर्ज की थी। जांच एजेंसी के मुताबिक, पुणे की एजुकेशन कंसल्टेंट मनीषा वाघमारे उन बिचौलियों में शामिल थीं जिन्होंने ऐसे छात्रों को इकट्ठा किया था, जिन्होंने स्पेशल कोचिंग सेशन में शामिल होने के लिए लाखों रुपए दिए थे। इन सेशन में उन सवालों पर चर्चा की गई थी और उन्हें लिखवाया गया था जो बाद में नीट-यूजी 2026 परीक्षा में आए थे। सीबीआई का दावा है कि वाघमारे ने उन उम्मीदवारों की मदद की जो एनटीए की ओर से नियुक्त सीनियर बॉटनी टीचर मनीषा गुरुनाथ मंधारे की स्पेशल कोचिंग क्लास में शामिल हुए थे। मनीषा पर बायोलॉजी पेपर लीक मामले में मुख्य साजिशकर्ताओं में से एक होने का शक है। जांच एजेंसी ने केमिस्ट्री प्रोफेसर पी.वी. कुलकर्णी की पहचान पेपर लीक नेटवर्क के कथित मास्टरमाइंड के तौर पर की है।

 

इस बीच, केंद्र सरकार ने 21 जून को होने वाली नीट-यूजी की दोबारा परीक्षा की तैयारियां तेज कर दी हैं। मई में हुई मूल परीक्षा को कुछ सवाल लीक होने के आरोपों के बाद रद्द कर दिया गया था। दोबारा परीक्षा की तैयारियों के बीच, कैबिनेट सेक्रेटरी टी.वी. सोमनाथन ने हाल ही में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के अधिकारियों के साथ व्यवस्थाओं की समीक्षा की और चेतावनी दी कि जो कोई भी परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्षता को बिगाड़ने, उसमें बाधा डालने या उससे छेड़छाड़ करने की कोशिश करेगा, उस पर कानून का पूरा सख्त असर होगा। केंद्र ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं, जिसमें इंडियन एयर फोर्स के जरिए प्रश्न पत्रों को ले जाना और दोबारा परीक्षा सुरक्षित रूप से आयोजित करने में स्थानीय अधिकारियों की मदद के लिए सीआरपीएफ और सीआईएसएफ के जवानों की तैनाती शामिल है। एनटीए ने उम्मीदवारों के लिए 15 मिनट का अतिरिक्त समय देने और उत्तर पुस्तिकाओं में रफ काम के लिए ज्यादा जगह देने की भी घोषणा की है। केंद्र का कहना है कि केंद्र सरकार, राज्य सरकारों और जिला प्रशासनों के आपसी सहयोग का मकसद दोबारा परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्षता और विश्वसनीयता को बनाए रखना है।

Comments

No comments yet. Why don’t you start the discussion?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *