धान की पराली को जलाने से रोकने के लिए जंग का एलान

धान की पराली को जलाने से रोकने के लिए जंग का एलान

चंडीगढ़। पंजाब सरकार ने पराली जलाने से रोकने के लिए जंग का एलान करते हुये प्रदूषण से पानी, मिट्टी और वातावरण को बचाने के लिए हर संभव प्रयास करने का फ़ैसला किया है।
कृषि मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल ने शुक्रवार को यहां ज़िला कृषि अधिकारियों के साथ बैठक करके पराली जलाने को रोकने के लिए बल्यूप्रिंट लागू करने के लिए विचार विमर्श किया। उन्होंने कहा कि पराली जलाने को रोकना राज्य के लिए बड़ी चुनौती है और इससे होने वाले प्रदूषण का मुद्दा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उजागर किया जा रहा है, जिससे पंजाब की बदनामी हो रही है। धान की पराली जलाने को रोकने और इसके प्रबंधन के लिए मुख्यमंत्री जलाने से होने वाले प्रदूषण से पानी, मिट्टी और वातावरण को बचाया जा सके ।
उन्होंने कहा कि पराली जलाने को रोकना राज्य के लिए बड़ी चुनौती है और इससे होने वाले प्रदूषण का मुद्दा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उजागर किया जा रहा है जिससे पंजाब की बदनामी हो रही है। धान की पराली जलाने को रोकने और इसके प्रबंधन के लिए सरकार ने किसानों को सब्सिडी पर खेती यंत्र मुहैया करवाने, जागरूकता मुहिम चलाने और कुछ नये वैज्ञानिक तरीकों जैसे डीकम्पोज़र स्प्रे जैसे कई ठोस कदम उठाने का फ़ैसला किया है।
श्री धालीवाल ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को ज़मीनी स्तर पर काम करने की अपील की । उन्हाेंने अधिकारियों को हिदायत की कि कृषि विभाग के किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को सात नवंबर तक छुट्टी न दी जाये।
कृषि मंत्री ने पराली जलाने सम्बन्धी जागरूकता मुहिम और पराली जलाने के मामलों की तुरंत रिपोर्टिंग सम्बन्धित फील्ड में होने वाली सभी गतिविधियों पर नज़र रखने के लिए राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम स्थापित करने के भी आदेश दिए।
मंत्री ने कृषि विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव सरवजीत सिंह को पराली जलाने के मुद्दों के बारे ज़िला सिविल और पुलिस प्रशासन के साथ लगातार संपर्क में रहने के लिए कहा। उन्होंने बताया कि सरकार की तरफ से ब्लाक स्तर के कृषि अधिकारियों को हैपी सिडर मशीनें मुहैया करवाई जाएंगी, जिनका प्रयोग छोटे किसान मुफ़्त में कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि ब्लाक स्तर पर पहले ही तकरीबन 2-5 मशीनें मुहैया करवाई जा चुकीं हैं और वह किसानों के प्रयोग के लिए कृषि अधिकारियों को लगभग 10 हैपी सिडर मशीनें मुहैया करवाने के लिए यत्नशील हैं।
बैठक में एसीएस कृषि सरवजीत सिंह, मुख्यमंत्री के विशेष प्रमुख सचिव और मंडी बोर्ड के सचिव रवि भगत, कृषि निदेशक और समूह ज़िला कृषि अधिकारी उपस्थित थे।

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