सहारनपुर। उत्तर प्रदेश मुखिया योगी आदित्यनाथ किसी न किसी मुद्दे पर अक्सर चर्चाओं में बने रहने के आदि हो गये हैं। बुल्डोजर बाबा के नाम से लोकप्रिय हुए योगी आदित्यनाथ आजकल लाउडस्पीकर की तेज ध्वनि को कम करने की मुहिम में सबसे आगे बढ़कर चल रहे हैं। उनके इस कदम की जहां प्रशंसा हो रही है। वहीं कुछ लोगों द्वारा इसे भेदभाव वाली नीति भी बता रहे हैं। हालांकि योगी आदित्यनाथ का जनहित में यह कदम सराहनीय ही माना जायेगा जहां उन्होंने ध्वनि प्रदूषण से हो रहे नुकसान को कम से कम गम्भीरता से सोचा तो है।

अब सवाल यह उठता है क्या प्रदेश मुखिया का यह कदम सड़कों पर रोजाना धार्मिक कर्मकांडों की आड़ में हो रहे कानफोड़ ध्वनि प्रदूषण पर भी नियंत्रण किया जायेगा ? जहां धर्म की आड़ में लोग बड़ी-बड़ी गाड़ियों में अत्याधिक आवाज़ में डीजे बजाकर सड़क किनारे बसे लोगों की नींद हराम करने का काम करते हैं, क्या उन पर भी बाबा का हन्टर चलेगा ? वहीं रोजाना बुलेट गाड़ी का अत्याधिक ध्वनि के साथ सड़कों से आवागमन जो आमजन को परेशान करने के साथ-साथ दहशत बरपा करते हैं और इतना ही नहीं कई लोग बुलेट मोटरसाईकिल केवल लोगों में भ्रम बैठाने अथवा रोब गालिब करने के लिए ही लेते हैं। जो बुलेट गाड़ियों से तीव्र आवाज़ वाले ऐसे पटाखे छोड़ते हैं जैसे फाईरिंग हो रही हो। बुलेट द्वारा छोड़े जाने वाले पटाखों से कई बार दुर्घटनाऐं घटने की सम्भावनाऐं बढ़ जाती हैं। जबकि बुलेट गाड़ी द्वारा छोड़े गये पटाखों से माहौल भी प्रदूषित हो रहा है।

जिस पर अक्सर पुलिस कार्यवाही करती है,परन्तु इन कार्यवाहियों के बावजूद बुलेट चालक बाज आने को तैयार नहीं। इसलिए ऐसे बुलेट चालकों के लिए कोई नया कानून बनाकर प्रदेश सरकार को इस पर अंकुश लगाना समय की नितान्त आवश्यकता है। साथ ही किसी भी धार्मिक जुलूस को सड़कों पर चलने की अनुमति किसी भी सूरत में उचित नहीं। यदि किसी को अपनी आस्था के मुताबिक पूजा-अर्चना अथवा इबादत करनी है तो वह अपने घरों, इबादतगाहों आदि जगह कहीं भी कर सकता है,परन्तु जनमानस को परेशान कर पूजा-अर्चना अथवा इबादत की आड़ मंे जुलूस इत्यादि निकालने का किसी को भी कोई अधिकार नहीं दिया जाना चाहिये। यदि योगी बाबा इस ओर ध्यान दे लें तो प्रदेश में एक नया ही शान्तप्रिय वातावरण उत्पन्न होगा।

