दुर्गा पंडाल में भीषण हादसा: अपनों को ढूंढती दिखीं आंखें, पंडाल से अस्पताल तक मची चीख-पुकार

भदोही के औराई कोतवाली से कुछ दूर स्थित एकता दुर्गा पूजा पंडाल में रविवार रात करीब आठ बजे आरती के समय आग लग गई। हादसे में एक बालक अंकुश सोनी (12) व महिला जयादेवी (45) समेत पांच की मौत हो गई और 64 से अधिक लोग झुलस गए। झुलसने वालों में महिलाएं और बच्चे ज्यादा हैं। इन्हें सीएचसी व निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। यहां से 37 लोगों को वाराणसी रेफर कर दिया गया। इनमें 20 की हालत चिंताजनक है। हादसे की सूचना मिलते ही डीएम-एसपी व अन्य अधिकारी और दमकल टीम मौके पर पहुंच गई। डीएम गौरांग राठी और एसपी डॉ. अनिल कुमार मौके पर बचाव कार्य की निगरानी करते और जरूरी निर्देश देते रहे। बाद में एडीजी जोन रामकुमार और विंध्याचल कमिश्नर योगेश्वर राम मिश्र भी पहुंचे। डीएम के मुताबिक, आशंका है कि शार्ट सर्किट से आग लगी है। दमकल टीम ने एक घंटे में आग पर काबू पाया। 150 से अधिक लोग मौजूद थे।

औराई-भदोही मार्ग पर स्थित पंडाल काफी आकर्षक ढंग से सजा था। रविवार शाम 150 से अधिक महिला-पुरुष यहां आरती में शामिल होकर जयकारे लगा रहे थे। पंडाल में डिजिटल शो भी चल रहा था। उसी दौरान पंडाल में बनी गुफा में आग लग गई और तेजी से फैल गई।

आग लगते ही मदद के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण भी पहुंच गए। घायलों को अस्पताल पहुंचाने के लिए 52 एंबुलेंस लगाई गई। मृतक अंकुश गांव जेठूपुर औराई का रहने वाला था। वाराणसी में मंडलीय अस्पताल लाते वक्त 45 वर्षीय महिला जयादेवी की मौत हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दो अन्य मृतकों में युवती और एक साल का बच्चा है।

हादसे की जांच के लिए चार सदस्यीय एसआईटी बनाई गई है। टीम में अपर जिलाधिकारी (वित्त राजस्व), अपर पुलिस अधीक्षक, एक्सईएन हाईडिल और फायर सेफ्टी ऑफिसर शामिल हैं। घटना के कारण और लापरवाही के आरोपों की जांच होगी। दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।

रामकुमार, एडीजी जोन मुख्यमंत्री ने ली जानकारी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिलाधिकारी से हादसे के बारे में जानकारी ली और झुलसे लोगों के बेहतर इलाज का प्रबंध करने के लिए कहा। मुख्यमंत्री ने हादसे के तुरंत बाद राहत कार्य युद्धस्तर पर चलाने के निर्देश दिए।

अपनों को ढूंढती दिखीं आंखें
घर से दुर्गापूजा देखने की बात कहकर निकले जो बच्चे, बच्चियां या फिर परिजन घर नहीं पहुंचे थे। उनके परिवार के लोग घटनास्थल पर अपनों को ढूंढ़ते दिखे। कभी इस हॉस्पिटल तो कभी उस हॉस्पिटल में पहुंच कर अपनों के बारे में जानने का प्रयास करते और हर किसी से उनके बारे में पूछते दिखे।

घटनास्थल पर ऐसे दर्जनों लोग थे, जिनकी आंखें भीड़ में अपनों को ढूंढ रही थी। कोई एंबुलेंस आता तो तपाक से उसमें झांककर देखते, कहीं उसमें उनके परिवार का कोई सदस्य तो नहीं है।

तीन घंटे तक हर तरफ चीख-पुकार और भगदड़
औराई के नरथुआं स्थित दुर्गा पंडाल में भीषण आग से तीन घंटे तक चीख-पुकार और भगदड़ की स्थिति बनी रही। पंडाल से लेकर सीएचसी और निजी अस्पताल तक हर कोई भाग दौड़ लगाता रहा। झुलसे बच्चों और महिलाओं की स्थिति भीषण अग्निकांड की भयावहता को दर्शा रही थी।

औराई के दुर्गा पूजा पंडाल की घटना ने हर किसी को झकझोर दिया। शाम करीब आठ बजे जैसे आग लगी तो किसी को कुछ समझ में नहीं आया। करीब 20 मिनट बाद दमकल के वाहन मौके पर पहुंचे लेकिन आग पर काबू नहीं पाया जा सका। सूचना पर भदोही और ज्ञानुपर से भी दमकल की गाड़ियां पहुंची। इधर झुलसे बच्चों और महिलाओं को अस्पताल ले जाने का सिलसिला शुरू हुआ।

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