दिल्ली शराब घोटाले में ED ने की 40 ठिकानों पर छापेमारी, केजरीवाल बोले- परेशान किया जा रहा

दिल्ली में कथित शराब घोटाले को लेकर केजरीवाल सरकार की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। भाजपा लगातार केजरीवाल सरकार पर कथित शराब घोटाले को लेकर हमलावर है। तो वहीं इस मामले को लेकर जांच एजेंसी भी काफी सक्रिय दिखाई दे रही हैं। प्रवर्तन निदेशालय ने आज कई राज्यों में 40 ठिकानों पर दिल्ली शराब घोटाले को लेकर छापेमारी की है। इससे पहले इस मामले में सीबीआई ने भी कई अधिकारियों से पूछताछ की है। इतना ही नहीं, सीबीआई ने दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया से भी पूछताछ की है। ईडी की ओर से आज जिन राज्यों में छापेमारी की गई है उनमें आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तमिलनाडु और दिल्ली एनसीआर के कई क्षेत्र शामिल हैं। इस मामले को लेकर यह छापेमारी दूसरी बार हो रही है।

वहीं, जांच एजेंसी की कार्रवाई को लेकर अरविंद केजरीवाल ने केंद्र पर निशाना साधा है। अरविंद केजरीवाल ने साफ तौर पर कहा है कि सभी को अनावश्यक रूप से परेशान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उपराज्यपाल, सीबीआई और भाजपा ने कथित शराब घोटाले में अलग-अलग रकम बतायी है लेकिन उन्हें अब भी समझ नहीं आया कि शराब घोटाला क्या है। उन्होंने आगे कहा कि उनके (भाजपा के) एक नेता ने कहा कि यह 8,000 करोड़ रुपये का घोटाला है, उपराज्यपाल ने कहा कि यह 144 करोड़ रुपये का घोटाला है और सीबीआई की प्राथमिकी में कहा गया है कि यह एक करोड़ रुपये का घोटाला है। मुझे समझ नहीं आता कि शराब घोटाला है क्या।’’ इसके साथ ही केजरीवला ने कहा था कि देश इस तरह से उन्नति नहीं कर सकता है। वे अनावश्यक रूप से हर किसी को परेशान कर रहे हैं।

सीबीआई ने 19 अगस्त को इस मामले में सिसोदिया (50), भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारी और दिल्ली के पूर्व आबकारी आयुक्त आरव गोपी कृष्ण के दिल्ली स्थित आवास तथा सात राज्यों और केंद्र-शासित प्रदेशों में 19 अन्य स्थानों पर छापे मारे थे। अरविंद केजरीवाल की अगुवाई वाली दिल्ली सरकार में सिसोदिया के पास आबकारी और शिक्षा समेत कई विभाग हैं। भाजपा प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कथित शराब घोटाले के आरोपी अमित अरोड़ा के एक कथित स्टिंग ऑपरेशन का हवाला दिया। उन्होंने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधते हुए कहा कि वह या तो इस मामले में कार्रवाई करें या फिर भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करने संबंधी अपने पूर्ववर्ती बयानों के लिए सार्वजनिक माफी मांगें।

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