तेंदुओं की दहशत से सहमा मुरादाबाद मंडल, 52 गांव प्रभावित; 14 रेड जोन में, रेस्क्यू के लिए थर्मल ड्रोन और ट्रैप केज तैनात

तेंदुओं की दहशत से सहमा मुरादाबाद मंडल, 52 गांव प्रभावित; 14 रेड जोन में, रेस्क्यू के लिए थर्मल ड्रोन और ट्रैप केज तैनात

मुरादाबाद। मुरादाबाद मंडल के विभिन्न जनपदों में तेंदुओं की सक्रियता को गंभीरता से लेते हुए मंडलायुक्त संगीता सिंह ने सोमवार को वर्चुअल माध्यम से बैठक कर तेंदुआ प्रभावित क्षेत्रों में आमजन की सुरक्षा, तेंदुओं के रेस्क्यू तथा वन विभाग, पुलिस एवं प्रशासन द्वारा किए जा रहे संयुक्त प्रयासों की विस्तृत समीक्षा की।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी विभाग आपसी समन्वय एवं टीम भावना के साथ कार्य करते हुए तेंदुओं का शीघ्र एवं सफल रेस्क्यू सुनिश्चित करें तथा प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जाए।

मंडलायुक्त ने विशेष रूप से जनपद मुरादाबाद की ठाकुरद्वारा तहसील क्षेत्र के ग्राम बलिया, लालापुर पीपलसाना सहित अन्य प्रभावित क्षेत्रों में तेंदुओं की गतिविधियों, रेस्क्यू अभियान और आमजन की सुरक्षा के लिए किए जा रहे प्रबंधों की जानकारी ली। उन्होंने संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी बनाए रखने तथा तेंदुए की गतिविधि की सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

वन संरक्षक, मुरादाबाद मंडल ने बताया कि जनपद मुरादाबाद में कुल 52 गांव तेंदुआ प्रभावित हैं, जिनमें 14 गांव रेड जोन में चिन्हित किए गए हैं। प्रभावित क्षेत्रों में तेंदुओं की निगरानी एवं रेस्क्यू के लिए ट्रैप केज, थर्मल ड्रोन तथा अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का प्रयोग किया जा रहा है। वन विभाग की टीमें लगातार क्षेत्र में गश्त कर रही हैं और तेंदुओं को सुरक्षित रेस्क्यू करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

जिलाधिकारी मुरादाबाद डॉ. राजेन्द्र पैंसिया ने बताया कि तेंदुआ प्रभावित गांवों में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए फ्लड लाइटें स्थापित कराई जा रही हैं।

जनपद बिजनौर में इसी वर्ष 43 तेंदुओं का रेस्क्यू किए जाने की जानकारी बैठक में दी गई।

जिलाधिकारी बिजनौर जसजीत कौरने बताया कि संवेदनशील क्षेत्रों में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित कराई गई है। साथ ही आमजन को तेंदुए से बचाव एवं सुरक्षा के उपायों के प्रति जागरूक करने के लिए पोस्टर तथा विभिन्न जागरूकता अभियानों के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है।

मंडलायुक्त ने एसडीएम ठाकुरद्वारा को निर्देश दिए कि सर्वाधिक संवेदनशील गांवों में ऐसे घरों का सर्वे कर रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाए, जिनमें दरवाजे नहीं लगे हैं। ऐसे घरों को चिन्हित कर आवश्यक सुरक्षा उपाय सुनिश्चित कराने पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रभावित क्षेत्रों में तेंदुआ मित्र के रूप में स्थानीय लोगों को चिन्हित कर उन्हें आवश्यक सुरक्षा संसाधन उपलब्ध कराए जाएं।

इस वर्चुअल माध्यम से आयोजित बैठक में डीआईजी रेंज मुनिराज जी., जिलाधिकारी मुरादाबाद डॉ. राजेन्द्र पैंसिया, जिलाधिकारी बिजनौर जसजीत कौर, जिलाधिकारी अमरोहा नितिन गौड़, जिलाधिकारी सम्भल अंकित खंडेलवाल, सीडीओ मुरादाबाद मृणाली अविनाश जोशी, अपर आयुक्त प्रथम शशिभूषण के साथ-साथ वन विभाग, पुलिस विभाग, स्वास्थ्य एवं अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रतिभाग किया।

Comments

No comments yet. Why don’t you start the discussion?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *