डेरा सच्चा सौदा के सेवादारों ने लाखों की संख्या में रोपे पौधे

बागपत। संत डॉ गुरमीत राम रहीम सिंह इन्सां के 55वें पावन अवतार दिवस के उपलक्ष्य में डेरा सच्चा सौदा की साध-संगत ने देश-विदेश में लाखों पौधे रोपित करके धरती माँ को हरियाली की सौगात दी।

इसी कड़ी में शाह सतनाम जी धाम सिरसा में संत राम रहीम की बेटी हनीप्रीत इन्सां व डेरा प्रबंधन सदस्यों ने पौधारोपण किया। इसमें बागपत जिले से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। पावन अवतार दिवस के उपलक्ष्य में सुबह आठ बजे हरियाणा,पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, बिहार, झारखंड, महाराष्ट्र गुजरात सहित देश के अन्य राज्यों व विदेशों में पौधारोपण महाअभियान शुरू हुआ। इस अभियान में साध-संगत ने पूरे उत्साह के साथ पौधारोपण करके आहूति डाली। इस महा अभियान के दौरान हर तरफ पौधे लिए डेरा श्रद्धालु ही डेरा श्रद्धालु नजर आ रहे थे। साध-संगत ने अपने घरों, खेतों, स्कूलों, कॉलेजों, पार्कों सहित सार्वजनिक स्थलों पर भारी तादाद में पौधारोपण किया। पौधारोपण के साथ-साथ साध-संगत ने संत राम रहीम की शिक्षाओं पर चलते हुए इन पौधों की पेड़ बनने तक संभाल करने का संकल्प भी दोहराया। राम रहीम की पावन प्रेरणा से वर्ष 2007 से पौधारोपण मुहिम का आगाज हुआ है तथा अब तक विश्व भर में करोड़ों पौधे रोपित किए जा चुके हैं। डेरा अनुयायी केवल पौधे रोपित ही नहीं करते, बल्कि उन पौधों की संभाल भी करते हैं। निश्चित समय पर पौधों को पानी देना, उनकी कटाई-छंटाई करने का ही सकारात्मक परिणाम है कि डेरा अनुयायियों द्वारा लगाए गए करीब 80 फीसद से अधिक पौधे खूब फल-फूल रहे हैं और वृक्ष बनकर फल, फूल और छाया प्रदान कर रहे हैं। बता दें कि संत डॉ गुरमीत राम रहीम सिंह इन्सां ने 15 अगस्त 1967 को श्रीगुरुसर मोडिया, जिला श्रीगंगानगर (राजस्थान) की पावन धरा पर अवतार धारण किया था। डेरा सच्चा सौदा की साध-संगत राम रहीम के मार्गदर्शन में अब तक करोड़ों पौधे रोपित कर चुकी है। पौधारोपण के लिए डेरा सच्चा सौदा का नाम तीन बार गिनीज बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज हो चुका है। जिनमें पहला 15 अगस्त 2009 को 8 घंटों में 68 लाख 73 हजार 451 पौधे रोपित करने, दूसरा इसी दिन मात्र एक घंटे में 9 लाख 38 हजार 7 पौधे लगाने और तीसरा रिकॉर्ड 15 अगस्त 2011 को मात्र एक घंटे में साध-संगत द्वारा 19,45,535 पौधे रोपित करके बनाया है।

Comments

No comments yet. Why don’t you start the discussion?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *