टिकैत का मोदी सरकार पर बड़ा वार, किसानों को लेकर कही यह बात, पढ़िए पूरा भाषण

बिजनौर। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत ने कहा कि भाजपा ने रामराज लाने की बात कही थी। हम भी साथ हो गए, क्योंकि हम भी भगवान श्रीरामचंद्र के वंशज हैं। इस रामराज में सरकार के अधिकारी किसानों का उत्पीड़न और शोषण कर रहे हैं और सरकार सब कुछ देख रही है।

यह बात उन्होंने मंगलवार को बिजनौर के गांव खरक में आयोजित किसान सम्मान बचाओ महापंचायत में कही। कहा कि रात में बिजली अधिकारी किसानों के घरों में कूद रहे हैं। कूदने में गिर गए और किसानों के खिलाफ झूठे मुकदमे दर्ज करा जेल भेज दिया। ऋण के मामले में एक किसान को बेइज्जत किया, जिससे किसान ने आत्महत्या कर ली। एक किसान को तहसील कार्यालय में बुलाकर उसकी पिटाई की। यह किसानों का शोषण नहीं है, तो क्या है।

उन्होंने कहा कि सरकार के अधिकारी खुलेआम किसानों का उत्पीड़न कर रहे हैं। इसे भाकियू कभी बर्दाश्त नहीं करेगी। कहा कि प्रशासन गांव खरक के निर्दोष किसानों को रिहा करे या रात में घर में कूदने वाले बिजली अफसरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करे। किसान की आत्महत्या में दोषी अधिकारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार किया जाए। किसान की पिटाई के मामले में भी दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो।

महापंचायत से चौधरी नरेश टिकैत ने बिजनौर कलक्ट्रेट कूच करने की चेतावनी दी तो प्रशासनिक अफसरों ने उन्हें मनाया और फिर वार्ता का दौर शुरू किया। वह वार्ता भी किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची। प्रशासन की ओर से एक सप्ताह का समय मांगा जा रहा था। इस पर नरेश टिकैत ने कहा कि जब तक निर्दोष किसानों को रिहा नहीं किया जाता, तब तक महापंचायत स्थल पर धरना जारी रहेगा। मांग पूरी नहीं होती है तो पांच जुलाई को फिर से धरना स्थल पर ही महापंचायत बुलाई जाएगी। जरूरत पड़ी तो आंदोलन लंबा किया जाएगा और 17 जुलाई को राष्ट्रीय पंचायत भी खरक में ही होगी। यहां से प्रदेश भर की लड़ाई लड़ी जाएगी। खरक में धरना जारी है और भाकियू सुप्रीमो चौधरी नरेश टिकैत मुजफ्फरनगर लौट गए। महापंचायत में तीन हजार से ज्यादा किसान मौजूद रहे।

चौधरी नरेश टिकैत ने कहा किसानों जाग जाओ, वरना यह सरकार उत्पीड़न करती रहेगी। आप संयमी हैं अपने आप को हर परिस्थिति में ढाल लेते हो, एक जुट होकर आवाज उठाओ, वरना ये अफसर एक-एक करके सभी किसानों का शोषण करते रहेंगे। इस सरकार ने विपक्ष व संगठन खत्म कर दिए। एक भाकियू ही संगठन बचा है, जो आपकी आवाज उठाकर सरकार को जवाब दे रहा है। कहा कि सरकार निजी नलकूपों पर इलेक्ट्रानिक मीटर लगाने जा रही है। जिसका सालभर में लाखों रुपये का बिजली बिल आएगा। पहले कार्यकाल के प्रारंभ में तो मुख्यमंत्री से वार्ता हुई थी, उसके बाद तो सरकार वार्ता करती ही नहीं है। हम सरकार के खिलाफ नहीं, सरकार की नीतियों के खिलाफ हैं। उन्होंने कहा कि अग्निवीर योजना युवाओं के साथ धोखा है। हम इस योजना का विरोध करते हैं।

भारतीय किसान यूनियन की महापंचायत में बिजली अधिकारियों के प्रकरण में किसानों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग की गई। महापंचायत की सफलता को भाकियू पदाधिकारी व कार्यकर्ता कई दिन से जनसंपर्क कर रहे थे। मंगलवार को किसान ट्रैक्टर ट्रॉली सहित अपने-अपने वाहनों से महापंचायत में पहुंचे। पंचायत को देखते हुए आसपास क्षेत्र में चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस बल के साथ पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। महापंचायत स्थल पर किसानों की ओर से खाने की व्यवस्था भी की गई। महापंचायत की अध्यक्षता टोडर सिंह और संचालन ब्लॉक अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह राणा ने किया।

एडीएम व एसपी ग्रामीण, सीओ, तहसीलदार आदि ने बैठकर भाकियू राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत से समझौता वार्ता की। यह वार्ता 30 मिनट चली, लेकिन कोई हल नहीं निकला। नरेश टिकैत ने कहा कि हमें गिरफ्तार करो और जेल भेजो। उसके बाद फिर दो बार वार्ता का दौर चला, लेकिन वह भी बेनतीजा रही।

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