रांची। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के नेतृत्व में शुरू किए गए अभियान का प्रतिफल है कि खूंटी की अनिमा हेरेंज अब हड़िया दारू और शराब नहीं बेचती।
अनिमा को अब लोग शराब बेचने वाली नहीं, बल्कि बैंक दीदी के नाम से जानते हैं। फूलो झानो आशीर्वाद अभियान ने अनिमा को उसके हक का सम्मान दिलाया है। कर्रा प्रखंड के छाता गांव की रहने वाली अनिमा को पूरे पंचायत में एक अलग पहचान मिली है। अब आंखों में आत्मविश्वास के साथ अनिमा अपने बदलाव की कहानी बयां करती है।
अनिमा कहती है कि पढ़ी-लिखी होने के बावजूद वह अवसरों के अभाव में अपनी शिक्षा का सही उपयोग नहीं कर पा रही थी। फिर उसे फूलो झानो आशीर्वाद अभियान के तहत 10 हज़ार रुपए की सहायता प्राप्त हुई। अनिमा को इस राशि के लिए अलग से किसी भी प्रकार का ब्याज देने की आवश्यकता नहीं थी। अनिमा ने प्राप्त राशि और अपनी जमा पूंजी की मदद से नौ हज़ार का स्मार्ट फ़ोन खरीदा। तत्पश्चात उसे डिजी पे के लिए प्वाइंट आवंटित करने और लेन-देन की तकनीकी जानकारी देकर प्रशिक्षित भी किया गया।

