ज्ञानवापी सोमवार को हिन्दु पक्षकार के हक़ मे आये फैसले ने राजनीति को गर्मा दिया है। जहाँ एक तरफ हिन्दु पक्ष उत्साहित है वही मुस्लिम पक्ष से आल इंडिया मजलिश इत्तेहादुल मुसलमीन के सांसद असद्दुद्दीन औवेशी ने कानूनी लड़ाई लड़ने की घोषणा कर दी है। ऐसे मे उत्तर प्रदेश नवनिर्माण सेना भी इस लड़ाई मे कूद गयी है। उत्तर प्रदेश नवनिर्माण सेना ने संजय वन के पास दिल्ली रोड पे विवादित होर्डिंग लगाकर सपा मुखिया अखिलेश् यादव पे तंज किया है। होर्डिंग मे काशी विश्वनाथ मे नंदी बाबा को दिवार तोड़कर अखिलेश यादव पे हमलावर दिखाया है। पोस्टर पे लिखा है। ज्ञानवापी पे मंदिर विरोधियो की अर्ज़ी ख़ारिज। सीधे तौर पे अखिलेश यादव को मंदिर विरोधी कह कर घेरने की कोशिश की गयी है। हालांकि सपा इस मामले मे अफलत मे पक्षकार नही है, लेकिन कार्टून के जरिये अखिलेश पे निशाना लगाकर कहीं ना कहीं ये संदेश देने की कोशिश की गयी है कि हिन्दु पक्षकारों के हित मे आये फैसले से अखिलेश खुश नही है। इस सम्बन्ध मे उत्तर प्रदेश नवनिर्माण सेना के अध्यक्ष अमित जानी से बात की तो उन्होंने बताया कि ज्ञानवापी मे शिवलिंग निकलने के समय अखिलेश यादव द्वारा बयान दिया गया था कि कहीं भी एक पत्थर रख दो , एक झंडा लगा दो वही हिन्दुओ के मंदिर बन जाते है। उस बयान के बाद ये साफ हो गया था कि अखिलेश ज्ञानवापी मामले मे बाबरी मस्जिद की तरह ही तुस्टीकरण कर रहे है।। अमित जानी ने घोषणा कि है कि जिस दिन ज्ञानवापी से शिवलिंग को निकाल के प्रतिष्ठित किया जायेगा। उत्तर प्रदेश नवनिर्माण सेना के हजारों कार्यकर्ता मेरठ से वाराणसी तक पैदल जाएगे और सवा मन सोने चांदी का एक छतर बाबा विश्वनाथ को चढ़ायेगे।
