जौनपुर में पुलिस पर लूट-वसूली के आरोपों में बड़ी कार्रवाई, 2 आरक्षी समेत 3 गिरफ्तार; दो भाइयों ने किया सरेंडर, थानाध्यक्ष फरार

जौनपुर में पुलिस पर लूट-वसूली के आरोपों में बड़ी कार्रवाई, 2 आरक्षी समेत 3 गिरफ्तार; दो भाइयों ने किया सरेंडर, थानाध्यक्ष फरार

जौनपुर। उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में जलालपुर और सुरेरी थाना क्षेत्र में लूट और अवैध वसूली के दो मामलों में पुलिस ने बुधवार को दो आरक्षियों समेत तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया। वहीं, दो सगे भाइयों विकास सिंह और संकीत सिंह ने अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस ने ग्राहक सेवा केंद्र संचालक मनीष पटेल को भी गिरफ्तार किया है। मामले में निलंबित सुरेरी थानाध्यक्ष दिव्य प्रकाश सिंह की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरक्षियों में सुरेरी थाने में तैनात विष्णु सिंह और सत्येंद्र कुमार गौड़ शामिल हैं। पुलिस अधीक्षक कुंवर अनुपम सिंह ने कहा कि जांच में संलिप्त पाए जाने वाले किसी भी पुलिसकर्मी को बख्शा नहीं जाएगा। दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ बर्खास्तगी की कार्रवाई की जाएगी।वाराणसी परिक्षेत्र के डीआईजी वैभव कृष्ण ने दोनों मामलों की जांच के लिए सहायक पुलिस अधीक्षक और क्षेत्राधिकारी नगर गोल्डी गुप्ता के नेतृत्व में विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित किया है। टीम में एक निरीक्षक, एक उपनिरीक्षक और सर्विलांस सेल प्रभारी को शामिल किया गया है। एसआईटी दोनों थाना क्षेत्रों से जुड़े भौतिक और तकनीकी साक्ष्य जुटाकर कार्रवाई करेगी।

जलालपुर मामले में 2.15 लाख रुपये ट्रांसफर कराने का आरोप

जलालपुर मामले में विजय राजभर ने शिकायत की थी कि 15 सितंबर को संकीत सिंह उसे कुसियां स्थित दुकान से अपने साथ ले गया। आरोप है कि वहां कुछ लोगों ने उसे वाहन में बैठाकर मारपीट की और धमकी देकर मोबाइल से यूपीआई के माध्यम से करीब 2.15 लाख रुपये अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कराए। इसके अलावा एटीएम से भी रुपये निकलवाए गए।

सुरेरी में हथियार पकड़ाकर वीडियो बनाने का आरोप

दूसरे मामले में वाराणसी के बड़ागांव क्षेत्र निवासी सुशील पांडेय ने आरोप लगाया कि उसे जबरन कार में बैठाकर सुरेरी थाने ले जाया गया। वहां उसे हथियार पकड़ाकर वीडियो बनाया गया और 1.05 लाख रुपये नकद तथा 60,299 रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कराए गए।

वही, इस मामले में बुधवार देर रात वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कुंवर अनुपम सिंह ने बताया कि तत्कालीन थानाध्यक्ष दिव्य प्रकाश सिंह और दोनों आरक्षियों की संलिप्तता जांच में सामने आई है। तीनों को निलंबित करने के बाद विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है। डीआईजी ने स्पष्ट किया कि जांच में दोषी पाए जाने वाले सभी लोगों की गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाएगी। मामले की विवेचना जारी है।

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