पटियाला। पंजाब कांग्रेस के पूर्व प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू के जेल में डाइट चार्ट को लेकर उनके वकील एस.पी.एस. वर्मा ने पटियाला में अदालत में एक अर्जी दायर की। इस पर दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने जेल सुपरिंटेंडेंट को इस मामले में जवाब न देने के निर्देश जारी किए परन्तु एडवोकेट एस.पी.एस. वर्मा ने कहा कि जेल सुपरिंटेंडेंट की तरफ से कोई रिप्लाई नहीं आया और बाद दोपहर अदालत ने सरकारी राजेन्द्रा अस्पताल के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट को एक पत्र लिख कर निर्देश दिए कि मेडिकल सुपरिंटेंडेंट की सुपरविजन में डाक्टरों के मेडिकल बोर्ड की तरफ से इस मामले में रिपोर्ट और डाइट प्लान सोमवार को अदालत में सबमिट किया जाए।

एडवोकेट वर्मा ने जेल प्रशासन की तरफ से जवाब न देने की निंदा की और कहा कि यह ठीक नहीं है जबकि वह नवजोत सिद्धू की सेहत के साथ जुड़ा मामला है। एडवोकेट एस.पी.एस. वर्मा ने अदालत में अर्जी दायर करके अदालत को बताया कि नवजोत सिद्धू को लीवर की समस्या है और उसकी बीमारी का स्तर 3 तक पहुंच चुका है। इसके अलावा उसे खून गाढ़ा होने की बीमारी है, क्योंकि लीवर की बीमारी के कारण दवा नहीं ले सकते इसलिए खून गाढ़े को पतला करने के लिए देसी नुस्खे अपनाने पड़ते हैं। नवजोत सिद्धू के वकील ने बताया कि इसके अलावा गेहूं, घी, तेल, तली हुई चीजें, मक्खन, जैम, मैदा और यहां तक कि हर तरह का फल भी नहीं खा सकते। उनकी डाइट स्पैशल होती है जिसमें बिना बीज के फल, चकुंदर, पपीता, खास तापमान पर गर्म दूध के अलावा कई खाने पीने की वस्तुएं शामिल होती हैं।

सूत्रों के मुताबिक नवजोत सिद्धू रात को देर से सोए और सुबह जल्दी उठ गए और बाकी कैदियों की तरह ही उनकी रूटीन रही, क्योंकि मुलाकात भी मंगलवार और शुक्रवार को ही हो सकती है इसलिए आज उनसे कोई भी मिलने के लिए नहीं पहुंचा। जेल के अंदर नवजोत सिद्धू अपने आपको नई जिंदगी में ढाल रहे हैं।

