जेल में अपराधी गिरोह ही नहीं बना रहे बल्कि बाहर आकर वारदात को अंजाम भी दे रहे हैं। असल में जेल में रहने के दौरान अपराधियों में मेल- मुलाकात होती है, जो लंबे समय तक साथ रहने से दोस्ती में बदल जाती है। दोस्ती होने पर जेल में ही अपराध की पटकथा लिखी जाती है। फिर जेल से छूटते ही वारदात को अंजाम दिया जा रहा है, जो पुलिस के लिए कड़ी चुनौती है। पिछले कुछ माह में पुलिस के शिकंजे में आए अपराधियों ने यह बात कबूली है। इससे पुलिस अफसरों की चिंता बढ़ गई है। जेल में पनप रहे गिरोह ने पिछले तीन माह में बारह से ज्यादा वारदात को अंजाम दिया। इनमें चोरी, लूट, डकैती और अपहरण जैसे अपराध शामिल हैं।

पश्चाताप न शर्मिंदगी, उल्टा अपराध बढ़े
माना जाता है कि अपराध के बाद जेल भेजे जाने से बंदी सुधरता है। जेल में रहने से अपने किए पर \पश्चाताप करता है, लेकिन असल में ऐसा नहीं हो पाता है। जेल भेजने के बाद ना तो इनमें \Bपश्चाताप देखा जा रहा है और ना ही शर्मिंदगी। उल्टा जेल से ही कई जने बड़े अपराधी बनकर निकल रहे हैं। यहां तक कि गैंग भी जेल में ही तैयार होने लगी है। बाहर आकर दूसरे साथियों को लालच देकर अपराध में शामिल किया जा रहा है। खासतौर से युवा इसमें ज्यादा लिप्त हो रहे हैं।
माना जाता है कि अपराध के बाद जेल भेजे जाने से बंदी सुधरता है। जेल में रहने से अपने किए पर \पश्चाताप करता है, लेकिन असल में ऐसा नहीं हो पाता है। जेल भेजने के बाद ना तो इनमें \Bपश्चाताप देखा जा रहा है और ना ही शर्मिंदगी। उल्टा जेल से ही कई जने बड़े अपराधी बनकर निकल रहे हैं। यहां तक कि गैंग भी जेल में ही तैयार होने लगी है। बाहर आकर दूसरे साथियों को लालच देकर अपराध में शामिल किया जा रहा है। खासतौर से युवा इसमें ज्यादा लिप्त हो रहे हैं।
इनका कहना है
यह सही है कि कई मामले में अपराधियों ने जेल में ही गिरोह बनाया और बाहर आकर वारदात को अंजाम दिया। भीलवाड़ा पुलिस ने कई मामलों में इसका खुलासा किया है। कोशिश कर रहे हैं ऐसे अपराधियों को चिन्हित कर उन पर कड़ी निगरानी रखी जाए।
यह सही है कि कई मामले में अपराधियों ने जेल में ही गिरोह बनाया और बाहर आकर वारदात को अंजाम दिया। भीलवाड़ा पुलिस ने कई मामलों में इसका खुलासा किया है। कोशिश कर रहे हैं ऐसे अपराधियों को चिन्हित कर उन पर कड़ी निगरानी रखी जाए।
केस-01
गुटखा व्यापारी ललित कृपलानी का अपहरण कर रिहाई के बदले पांच करोड़ की फिरौती मांगने की साजिश आरोपियों ने जेल में तैयार की थी। जेल में आरोपियों ने गैंग बनाई और बाहर आकर वारदात को अंजाम दिया। जेल में रहते हुए उनकी माली हालत बिगड़ गई थी, जिसे फिरौती से सुधारना चाहते थे।
केस-02
प्रतापनगर थाना पुलिस ने ढाई माह पूर्व चेन, मोबाइल लूट और बाइक चोरी के आरोप में आकाश सांसी, जसवंत दमामी और यूनुस मोहम्मद को गिरफ्तार किया था। इस अपराध से आकाश और यूनुस अलग-अलग मामलों में जेल में बंद रहे। वहां दोनों की दोस्ती हुई और बाहर गैंग बनाकर लूट की वारदात की।
प्रतापनगर थाना पुलिस ने ढाई माह पूर्व चेन, मोबाइल लूट और बाइक चोरी के आरोप में आकाश सांसी, जसवंत दमामी और यूनुस मोहम्मद को गिरफ्तार किया था। इस अपराध से आकाश और यूनुस अलग-अलग मामलों में जेल में बंद रहे। वहां दोनों की दोस्ती हुई और बाहर गैंग बनाकर लूट की वारदात की।
केस- 03
सुभाषनगर थाना पुलिस ने तीन माह पूर्व हत्या की साजिश के मामले में चार जनों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया की जेल में ही उन्होंने अपराध की साजिश रची। बाहर आकर रंजिश का बदला लेने के लिए हत्या की साजिश को अंजाम देने का प्रयास किया।
सुभाषनगर थाना पुलिस ने तीन माह पूर्व हत्या की साजिश के मामले में चार जनों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया की जेल में ही उन्होंने अपराध की साजिश रची। बाहर आकर रंजिश का बदला लेने के लिए हत्या की साजिश को अंजाम देने का प्रयास किया।
