चार महीने से लापता चाचा-बाबा को मंसूरपुर पुलिस ने खोज निकाला, सकुशल घर लौटे तो खुशी से झूम उठा परिवार

चार महीने से लापता चाचा-बाबा को मंसूरपुर पुलिस ने खोज निकाला, सकुशल घर लौटे तो खुशी से झूम उठा परिवार

मुजफ्फरनगर। करीब चार महीने से लापता चल रहे एक ही परिवार के दो सगे परिजनों को मंसूरपुर थाना पुलिस ने अथक प्रयासों के बाद सकुशल बरामद कर लिया। लंबे समय से अपने चाचा और बाबा की तलाश में परेशान परिवार के लिए पुलिस की यह कार्रवाई बड़ी राहत लेकर आई। पुलिस ने दोनों लापता व्यक्तियों को सकुशल बरामद करने के बाद आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की और उन्हें उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया। दोनों के सुरक्षित घर लौटने के बाद परिवार में खुशी का माहौल है।

बरामद किए गए व्यक्तियों में 76 वर्षीय कर्ण सिंह और 58 वर्षीय पुष्पेन्द्र कुमार शामिल हैं। दोनों थाना मंसूरपुर क्षेत्र के ग्राम जड़ौदा निवासी परिवार से संबंधित हैं। चार महीने से अधिक समय तक दोनों के अचानक लापता रहने के कारण परिवार के लोग लगातार उनकी तलाश में जुटे हुए थे।

अचानक गायब हो गए थे चाचा और बाबा

पुलिस के अनुसार ग्राम जड़ौदा निवासी विवेक सहरावत पुत्र स्वर्गीय उपेन्द्र कुमार ने 15 अप्रैल 2026 को थाना मंसूरपुर में प्रार्थना पत्र देकर अपने चाचा पुष्पेन्द्र कुमार और बाबा कर्ण सिंह के लापता होने की सूचना दी थी। परिजनों ने पुलिस को बताया था कि दोनों अचानक संदिग्ध परिस्थितियों में कहीं चले गए और इसके बाद उनका कोई पता नहीं चल सका।

एक साथ परिवार के दो सदस्यों के लापता होने से परिजनों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही थी। परिवार की ओर से दोनों की तलाश के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए मंसूरपुर पुलिस ने भी तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी।

पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर शुरू की तलाश

सूचना मिलने के बाद थाना मंसूरपुर पुलिस ने दोनों व्यक्तियों की गुमशुदगी दर्ज कर उनकी तलाश शुरू की। उम्रदराज व्यक्ति के लापता होने के मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने संभावित स्थानों पर जानकारी जुटाने के साथ ही दोनों की तलाश के लिए विशेष पुलिस टीम गठित की।

पुलिस टीम ने लगातार अलग-अलग स्तर पर जानकारी जुटाई और संभावित स्थानों पर तलाश की। दोनों की उम्र को देखते हुए पुलिस के सामने चुनौती भी बड़ी थी, लेकिन टीम ने लगातार प्रयास जारी रखे।

वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में चलता रहा अभियान

दोनों लापता व्यक्तियों की सकुशल बरामदगी के लिए चलाए गए अभियान की निगरानी वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों द्वारा की गई। अपर पुलिस महानिदेशक मेरठ जोन और पुलिस उपमहानिरीक्षक सहारनपुर परिक्षेत्र के निर्देशन में पुलिस ने कार्रवाई को आगे बढ़ाया।

मुजफ्फरनगर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा के पर्यवेक्षण में पूरे मामले की लगातार निगरानी की गई। पुलिस अधीक्षक नगर अमृत जैन, क्षेत्राधिकारी खतौली रुपाली रॉय तथा थाना प्रभारी मंसूरपुर विपिन कुमार त्यागी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने दोनों लापता व्यक्तियों को तलाशने के लिए लगातार प्रयास किए।

चार महीने की तलाश के बाद मिली बड़ी कामयाबी

पुलिस टीम ने करीब चार महीने तक लगातार प्रयास करते हुए दोनों लापता व्यक्तियों के बारे में जानकारी जुटाई। अलग-अलग संभावित स्थानों पर तलाश करने के साथ पुलिस ने उपलब्ध सूचनाओं के आधार पर दोनों का पता लगाने की कोशिश की।

आखिरकार पुलिस की मेहनत रंग लाई और 76 वर्षीय कर्ण सिंह तथा 58 वर्षीय पुष्पेन्द्र कुमार को सकुशल बरामद कर लिया गया। दोनों के मिलने की सूचना जैसे ही परिजनों को मिली, उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। लंबे समय से चली आ रही चिंता और अनिश्चितता के बीच दोनों के सुरक्षित मिलने से परिवार ने राहत की सांस ली।

घर पहुंचते ही परिवार में छाई खुशी

दोनों व्यक्तियों की सकुशल बरामदगी के बाद मंसूरपुर पुलिस ने आवश्यक नियमानुसार कार्रवाई पूरी की। इसके बाद दोनों को उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। लंबे समय से अपने परिवार के सदस्यों के वापस लौटने का इंतजार कर रहे परिजनों के लिए यह पल बेहद भावुक और खुशी भरा रहा।

परिजनों ने पुलिस की कार्रवाई की सराहना करते हुए दोनों को सकुशल वापस घर पहुंचाने के लिए पुलिस टीम का आभार जताया। दोनों के घर लौटने के बाद परिवार में फिर से खुशियों का माहौल बन गया।

इन पुलिसकर्मियों की रही अहम भूमिका

दोनों लापता व्यक्तियों को सकुशल बरामद करने वाली पुलिस टीम में थाना मंसूरपुर के प्रभारी निरीक्षक विपिन कुमार त्यागी, उपनिरीक्षक ललित राजपूत, कांस्टेबल बलजीत सिंह और कांस्टेबल गौरव कुमार शामिल रहे।

पुलिस टीम की लगातार मेहनत और वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में चलाए गए अभियान के परिणामस्वरूप चार महीने से लापता चल रहे दोनों परिजनों की सकुशल घर वापसी संभव हो सकी। मंसूरपुर पुलिस की इस कार्रवाई से परिवार को बड़ी राहत मिली है और दोनों के सुरक्षित मिलने के बाद परिजनों की चिंता खुशी में बदल गई।

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