नई दिल्ली. वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर की हर एक दिशा का अपना एक अलग महत्व होता है। घर की हर एक दिशा का अपना एक नियम है जिसका पालन करना बेहद जरूरी है। इसी क्रम में उत्तर दिशा की बात करते हैं। वास्तु के मुताबिक, घर की उत्तर दिशा को कुबेर और लक्ष्मी की दिशा माना गया है। ऐसे में इस दिशा से घर में सकारात्मक ऊर्जा के साथ धन का आगमन होता है। इसलिए इस दिशा को वास्तु दोष रहित रखना बेहद जरूरी है। लेकिन कई बार अनजाने में ऐसी गलतियां कर देते हैं जिसके कारण आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ता है। आइए जानते हैं कि वास्तु के हिसाब से उत्तर दिशा में कौन सी चीजें नहीं रखनी चाहिए।

वास्तु शास्त्र के अनुसार, उत्तर दिशा में भगवान कुबेर का स्थान माना जाता है। इसी कारण इसे धन के आगमन की दिशा है। इसलिए इस दिशा में कोई भारी सामान या बड़ी मात्रा में वस्तु रखी हुई है। ऐसा करने से व्यक्ति को आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ सकता है।

उत्तर दिशा में शौचालय बनना सबसे बड़ा वास्तु दोष का कारण माना जाता है। क्योंकि इस दिशा को कुबेर भगवान और मां लक्ष्मी का माना जाता है। ऐसे में अगर आप इस दिशा में शौचालय बनवा देंगे तो कभी भी घर में मां लक्ष्मी का वास नहीं रहेगा। जिसके कारण आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ेगा। अगर किसी कारणवश उत्तर दिशा से शौचालय नहीं हटाया जा सकता है, तो वास्तु दोष को कम करने के लिए कांच की एक कटोरी में साबुत नमक भरकर बाथरूम के किसी कोने में रख दें। इस नमक को हर सप्ताह बदलते रहना चाहिए।
वास्तु शास्त्र के अनुसार, इस दिशा में जूते-चप्पल आदि भी नहीं रखना चाहिए। क्योंकि भगवान कुबेर का ये निवास स्थान है जो धन लाभ के साथ जीवन में सुख-सुविधाएं देते हैं।
घर की उत्तर दिशा में टूटी फूटी चीजें या कबाड़ आदि नहीं रखनी चाहिए। क्योंकि इस दिशा में इन चीजों को रखने से सुख-समृद्धि का नाश होता है।
इस दिशा को धन आगमन की दिशा मानी जाती है। इसलिए इस दिशा में बिल्कुल भी गंदगी नहीं रखनी चाहिए, वरना आपको निश्चित रूप से आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ेगा। इसके साथ ही धन का प्रवाह धीमा हो जाता है। इसलिए घर की इस दिशा को बिल्कुल साफ सुथरा रखें।