गढ़ीपुख़्ता। गांव हथछोया में एक परिवार पिछले तीन दिनों से लगातार हो रही रहस्यमयी घटनाओं के कारण दहशत में है। परिवार का आरोप है कि उनके घर में बार-बार अलग-अलग स्थानों पर पुड़ियां मिल रही हैं, जिनमें नींबू में लगी कील, ब्लेड, सिंदूर, चुटकी, सिक्के, लौंग, इलायची, धूपबत्ती,लडडू और दीया-बत्ती , नींबू पर नाखून पॉलिश से मनुष्य आकृति बनी हुई मिल रही है , कभी नींबू में लॉन्ग ,जैसी सामग्री निकल रही है।

परिवार के सदस्य राजपाल शर्मा, आरती शर्मा, वैभव शर्मा और वैष्णवी शर्मा निवासी गांव हथछोया का कहना है कि पिछले तीन दिनों से यही सिलसिला लगातार जारी है। सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और जांच-पड़ताल की। परिवार का कहना है कि पुलिस की मौजूदगी में भी ऐसी ही सामग्री मिलने का सिलसिला देखने को मिला।

परिवार के अनुसार सबसे अधिक हैरानी की बात यह है कि राजपाल शर्मा के पुत्र वैभव शर्मा के बैठने या रहने वाले स्थान के नीचे से बार-बार पुड़ियां मिल रही हैं। इतना ही नहीं, जब वैभव शर्मा को पड़ोस के एक घर में बैठा दिया गया तो वहां चारपाई के ऊपर वैभव के नीचे से भी एक पुड़िया मिलने का दावा किया गया, जिससे आसपास के लोग भी हैरान रह गए।
इन घटनाओं के बाद पूरे गांव में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। पड़ोसी भी इस घटनाक्रम को देखकर आश्चर्य व्यक्त कर रहे हैं और परिवार सहित आसपास के लोगों में भय का माहौल बना हुआ है।
राजपाल शर्मा का बयान:
“पिछले तीन दिनों से लगातार हमारे घर में अलग-अलग जगहों पर पुड़ियां मिल रही हैं। पुलिस भी मौके पर आई और जांच की, लेकिन उसके सामने भी ऐसी सामग्री मिली। हमारा पूरा परिवार डरा हुआ है और हमें समझ नहीं आ रहा कि यह सब कौन और क्यों कर रहा है।”
रामपाल शर्मा का बयान:
“हमने अपनी आंखों से यह घटनाक्रम देखा है। वैभव जहां बैठता है, वहां से पुड़ियां निकलने की बात सामने आ रही है। पड़ोस के घर में चारपाई के नीचे से भी पुड़िया मिली। इससे पूरे गांव में डर और चर्चा का माहौल है। हम चाहते हैं कि पुलिस इस मामले की गहराई से जांच करे ताकि सच्चाई सामने आ सके।”
इस संबंध में सोमपाल कश्यप का कहना है कि ऐसे कर्म अच्छे नहीं होते हैं बाद में इनका रिजल्ट दुखदाई होता है गांव में जिस लोगों ने पहले ही एक कर्म किए हैं उनका विनाश हुआ है।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि यह घटनाएं किस कारण से हो रही हैं। जांच पूरी होने के बाद ही वास्तविक स्थिति सामने आ सकेगी।

