कैसे लोन और पेंशन फंड से पैसे निकालकर एक मां ने भारत को दे दिया सिल्वर मेडलिस्ट

बर्मिंघम. राष्ट्रमंडल खेलों में भारत का शानदार प्रदर्शन जारी है. इस बीच ही भारतीय जुडोका तूलिका मान ने 78+ किलो वर्ग में सिल्वर मेडल जीता है. उन्हें स्कॉटलैंड की सारा एडलिंगटन के हाथों हार का सामना करना पड़ा.

भारतीय जुडोका तूलिका मान भारत में सीनियर नेशनल में गोल्ड मेडल विजेता हैं. तूलिका मान जूनियर नेशनल सिल्वर मेडलिस्ट भी हैं.

तूलिका के पिता सतबीर मान की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. तब तूलिका सिर्फ 14 साल की थी. तूलिका की मां दिल्ली पुलिस में असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर है.उनकी मां अमृता ने कहा कि अपने पिता के निधन के समय तूलिका छोटी थी. जब वह राजौरी पुलिस स्टेशन में ड्यूटी करती थी तब तूलिका स्कूल में थी.

अमृता ने कहा कि स्कूल से लौटते वक्त मैं तूलिका को अपने साथ पुलिस स्टेशन में ले आती थी जहां वह खेलती और पढ़ाई करती थी.

तूलिका की देखभाल के लिए घर पर कोई नहीं था और पुलिस स्टेशन से दूर वह कुछ घंटे बिता सके इसके लिए उसे जूडो क्लब में भर्ती कर दिया गया. अमृता ने तूलिका को राष्ट्रीय स्तर की खिलाड़ी संगीता गुप्ता द्वारा संचालित एक क्लब में भर्ती कराया था.

छह साल पहले तूलिका को भोपाल में भारतीय खेल प्राधिकरण केंद्र में भर्ती कराया गया था जहां उन्होंने एक पूर्व भारतीय अंतरराष्ट्रीय और अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित सोलंकी के अंदर ट्रेनिंग शुरू की थी.
सोलंकी ने बताया कि तूलिका आज जो कुछ भी है वह अपनी मां की वजह से है. तूलिका अपनी 6 फुट की ऊंचाई और अपनी ताकत के लिए जानी जाती है.

अमृता ने कहा कि उन्हें खेल में आज भी कोई दिचस्पी नहीं है लेकिन मैंने तूलिका की ट्रेनिंग और दूसरी जरूरतों के लिए मैंने उसपर 10 रुपए कमाने पर भी 40 खर्च किए,लोन लिए और पेंशन फंड से पैसे निकाले. मैंने उसके बुरे दौर में भी अपनी मानसिकता को सकारात्मक बनाए रखने की कोशिश की.

CWG 2022 में भारत का यह तीसरा मेडल है इससे पहले सुशीला देवी ने सिल्वर और विजय कुमार ने ब्रोंज पदक जीता था.

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