कुशीनगर में पांच हजार की आबादी गंडक के निशाने पर

कुशीनगर। उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में बाल्मीकि गंडक बैराज पर नदी का डिस्चार्ज गुरुवार को घटकर 90 हजार क्यूसेक होने के बाद भी नदी महदेवा गांव के समीप कटान कर रही है।
इससे रेता गांव की पांच हजार आबादी गंडक के निशाने पर आ गई है। हालांकि बाढ़ खंड कटान रोकने के प्रयास में लगा हुआ है। वहीं नदी के कटान को देख रेता वासियों की सांसें अटक गईं हैं।
जिले के खड्डा रेता क्षेंत्र के ग्राम महदेवा की आबादी लगभग पांच हजार है और गांव तीन साल से नदी के निशाने पर है। पिछले वर्ष नदी ने अपनी धारा को मोड़ते हुए महदेवा गांव के आबादी क्षेत्र तक पहुंच गयी थी। तहसील प्रशासन व बाढ़ खंड विभाग सैकड़ों मजदूरों की मदद से नदी के किनारे बम्बू क्रेट लगाकर आबादी को किसी तरह बचा लिया, लेकिन इस वर्ष बाढ़ खंड नदी के किनारे लगभग डेढ़ किमी के एरिया में परकूपाइन लगवाकर कटान रोकने समेत महदेवा गांव को बचाने में लगा हुआ है। इधर दो दिनों से नेपाल के जल अधिग्रहण क्षेत्र में बारिश थमने से वाल्मीकि गंडक बैराज पर नदी का डिस्चार्ज 2 लाख 76 हजार से घटकर 90 हजार क्यूसेक पर आ गया है। बावजूद इसके बड़ी गंडक नदी महदेवा के समीप कटान कर रही है।
इससे चिंतित ग्रामीणों का कहना है कि नदी का डिस्चार्ज कम होने से नदी गांव के समीप कटान कर रही। अगर नदी का जलस्तर बढ़ा तो गांव में नदी तबाही मचायेगी। इससे पूर्व महदेवा गांव को बचाने का ठोस उपाय किया जाय। वहीं, छितौनी बांध के भैंसहा गेज पर नदी चेतावनी बिंदु 95 मीटर के सापेक्ष 22 सेमी नीचे बह रही है। इस संबंध में जिलाधिकारी ने बताया कि जिला प्रशासन की नजर कटान की तरफ़ है।

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