कारगिल विजय दिवस: बागपत के आठ अमर शहीदों को नमन, वीरता और बलिदान की गाथा को किया याद

कारगिल विजय दिवस: बागपत के आठ अमर शहीदों को नमन, वीरता और बलिदान की गाथा को किया याद

बागपत। कारगिल विजय दिवस पर जनपद बागपत के उन आठ वीर सपूतों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी जा रही है, जिन्होंने 1999 के कारगिल युद्ध में दुश्मनों के छक्के छुड़ाते हुए मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए। 26 जुलाई 1999 को भारत ने कारगिल की दुर्गम चोटियों पर तिरंगा फहराकर ऐतिहासिक विजय हासिल की थी, और इस जीत में बागपत के वीरों का योगदान अविस्मरणीय रहा।

जिले के पदम सिंह (बिनौली), यशवीर सिंह (सिरसली), सुभाष कुमार (बड़ौत), इंद्रजीत सिंह (रमाला), अनिल कुमार (बावली), राजेंद्र सिंह (खेकड़ा), जितेंद्र सिंह (जिवाना) और कोमल शर्मा (लोहड़ा) ने कुपवाड़ा में अदम्य साहस का परिचय देते हुए दुश्मनों के मंसूबों को नाकाम किया। इन वीर जवानों की शहादत ने न केवल जिले बल्कि पूरे देश को गौरवान्वित किया।

कारगिल युद्ध में बागपत तहसील क्षेत्र से सबसे अधिक जवान शहीद हुए थे। आज भी उनके गांवों में वीरता की कहानियां बच्चों को प्रेरणा देती हैं। इन शहीदों की स्मृति में बनाए गए स्मारकों पर राष्ट्रीय पर्वों और विशेष अवसरों पर लोग श्रद्धा-सुमन अर्पित करते हैं। प्रशासन, जनप्रतिनिधि, पूर्व सैनिक संगठन और आम नागरिकों द्वारा 26 जुलाई को विभिन्न स्थानों पर श्रद्धांजलि सभाओं का आयोजन किया जा रहा। खेकड़ा के नीरा आर्य स्मारक पर भव्य कार्यक्रम आयोजित किया है। स्वतंत्रता सेनानियों और कारगिल शहीदों के परिवार कार्यक्रम में शामिल हुए है। कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि इन वीरों का बलिदान देश के लिए अमूल्य है जो आने वाली पीढ़ियों को देशभक्ति का संदेश देता रहेगा।

कारगिल विजय दिवस केवल एक सैन्य जीत नहीं, बल्कि देशभक्ति, साहस और बलिदान की अमर गाथा है—जिसे बागपत के इन आठ सपूतों ने अपने लहू से लिखा है।

Comments

No comments yet. Why don’t you start the discussion?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *