कानपुर में गंगा का जलस्तर फिर बढ़ा! बैराज पर खतरे के निशान के करीब पानी, पांडु नदी का सैलाब गांवों तक पहुंचा

कानपुर में गंगा का जलस्तर फिर बढ़ा! बैराज पर खतरे के निशान के करीब पानी, पांडु नदी का सैलाब गांवों तक पहुंचा

कानपुर। कानपुर में गंगा के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई है। कानपुर बैराज के अपस्ट्रीम का जलस्तर 113.800 मीटर पहुंच गया, जो पिछले अपडेट के 113.740 मीटर से छह सेंटीमीटर अधिक है। डाउनस्ट्रीम का जलस्तर भी 113.490 मीटर से बढ़कर 113.550 मीटर हो गया है। बैराज से पानी का डिस्चार्ज 3,15,702 क्यूसेक दर्ज किया गया।

कानपुर बैराज के अपस्ट्रीम का जलस्तर 113.800 मीटर है, जबकि चेतावनी स्तर 114.000 मीटर और खतरे का स्तर 115.000 मीटर है। खतरे के स्तर पर बैराज से डिस्चार्ज 5,44,373 क्यूसेक निर्धारित है। पिछले अपडेट में अपस्ट्रीम जलस्तर 113.740 मीटर और डिस्चार्ज 3,09,365 क्यूसेक था। इस तरह डिस्चार्ज में 6,337 क्यूसेक की बढ़ोतरी हुई है।

शुक्लागंज में गंगा का जलस्तर 112.340 मीटर दर्ज किया गया, जो पिछले अपडेट के 112.250 मीटर से नौ सेंटीमीटर अधिक है। यहां चेतावनी स्तर 113 मीटर और खतरे का स्तर 114 मीटर है।

हरिद्वार बैराज से 1,13,450 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, जबकि पिछले अपडेट में 1,00,375 क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। इसमें 13,075 क्यूसेक की बढ़ोतरी हुई है। नरौरा बैराज से 87,053 क्यूसेक पानी छोड़ा गया, जबकि पिछले अपडेट में 77,819 क्यूसेक था। नरौरा से डिस्चार्ज में 9,234 क्यूसेक की बढ़ोतरी हुई है।

उधर, दक्षिण क्षेत्र में पांडु नदी का पानी मायापुरम, रविदासपुरम, पिपौरी, मर्दनपुर और मेहरबान सिंह का पुरवा समेत छह से अधिक गांवों तक पहुंच गया है। बाढ़ और जलभराव की स्थिति के चलते ग्रामीण सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन करने को मजबूर हैं। ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए प्रशासन की ओर से नावें भी चलाई जा रही हैं।

जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन की टीमें लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए नावों का संचालन किया जा रहा है। एनडीआरएफ की टीम भी राहत एवं बचाव कार्य में लगी है। प्रभावित ग्रामीणों को प्रशासन की ओर से राहत किट उपलब्ध कराई जा रही हैं।

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