मीरापुर। नगर पंचायत मीरापुर द्वारा कस्बे में लाखो रूपये की कीमत से लगाये गये आठ फ्रिजर चिलचिलाती गर्मी को लोगो गला ठंडा कर प्यास बुझाने के लिये लगाये गये थे। परन्तु कस्बे के सभी फ्रिजर देखरेख के अभाव के कारण शोपीस बनकर रह गये हैं।
नगर पंचायत मीरापुर द्वारा पूर्व चैयरमैन नवीन सैनी के कार्यकाल में सन 2014 में नगर वासियों की प्यास बुझाने के लिये ठंडे पानी के आठ फ्रीजर लगभग 24 लाख रूपये की कीमत से लगवाये गये थे। ये फ्रिजर कस्बे के नगर पंचायत, कन्या इंटर कालेज, थाने के गेट पर, मुख्य बस अड्डे आदि जगहो पर लगवाये गये थे लेकिन नगर पंचायत की लापरवाही व देखरेख के अभाव से सभी फ्रिजर शोपीस बनकर रह गये हैं। कई फ्रीजरों की जलापूर्ति लाइन ठप हो चुकी है तो कई खराब है। क्षेत्र के लोग कस्बे में अपनी जरूरत का सामान खरीदने के लिए आते हैं लेकिन ये फ्रिजर राहगीरों व नगर वासियों के लिए ठंडा पानी उपलब्ध कराने में नाकाम साबित हो रहे हैं। अगर कोई व्यक्ति वाटर कूलर पर पानी पीने जा रहा है तो उनको वहां पर टूटी हुई टोटी मुंह चिढ़ाती नजर आती है। गलती से अगर कहीं पर पानी भी मिल रहा है तो बदबू के चलते वो गले से नीचे नहीं उतरता है। कहीं कहीं जर्जर वाटर कूलरो के अंदर घास उगी है तथा बंद पडे फ्रिजर शुभकामनाओं के पोस्टरो से ढके पडे हैं। वाटर कूलरो को देखने से ऐसा प्रतीत हो रहा कि सालो से इनकी कोई साफ सफाई न होने के कारण इनमें गंदगी का अंबार है। इन फ्रीजरों के चलते लोगों को ठंडा पानी नसीब नही हो रहा था। भयंकर गर्मी के कई माह बीत जाने के बाद भी नगर पंचायत ने इन्हे ठीक नही कराया है। नगर पंचायत के ईओ कमलाकांत राजवंशी का कहना है कि फ्रीजरों कों ठीक कराने के लिए प्रयास लगातार जारी है लेकिन धन अभाव के कारण फ्रिजरो को ठीक नही कराया जा सकता। जल्द ही सारे फ्रीजरो को ठीक कराकर लोगों को शीतल जल उपलब्ध कराया जाएगा। गौरतलब है कि नगर पंचायत कार्यालय में लगा फ्रिजर भी पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त है। नगर पंचायत कार्यालय में काम कराने के लिये जाने वाले नगरवासियों को ठंडा पानी नसीब नही होता है साथ ही नगर पंचायतकर्मी भी एक एक बूंद ठंडे पानी के लिये तरसते नजर आते हैं। नगरवासियों ने जनपद के आला अफसरो से मांग की है कि बढती गर्मी के प्रभाव के चलते नगर के सभी फ्रिजर शीघ्र ठीक कराये जायें ताकि जनता को ठंडा पानी उपलब्ध हो सके।


