खतौली (मुजफ्फरनगर)। नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन सवेरा’ अभियान के तहत खतौली कोतवाली पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन कथित गांजा तस्करों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 9.860 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद करने का दावा किया है। पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार किए गए आरोपी लंबे समय से क्षेत्र में नशीले पदार्थों की तस्करी में सक्रिय थे।

पुलिस के अनुसार बुधवार को मुखबिर से सूचना मिली थी कि खतौली के मौहल्ला देवीदास स्थित वाल्मीकि धर्मशाला के बगल वाले रास्ते पर कुछ संदिग्ध लोग नशीला पदार्थ लेकर मौजूद हैं। सूचना थी कि आरोपी गांजा बेचने की फिराक में हैं। सूचना मिलते ही खतौली कोतवाली पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए बताए गए स्थान पर घेराबंदी कर दी।

पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर संदिग्धों को घेर लिया और तीन लोगों को पकड़ लिया। तलाशी के दौरान उनके कब्जे से कुल 9 किलो 860 ग्राम गांजा बरामद किया गया। पुलिस तीनों आरोपियों को हिरासत में लेकर कोतवाली पहुंची और उनसे पूछताछ की।
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सुभाष उम्र 48 वर्ष पुत्र बनवारी लाल, राजा उम्र 35 वर्ष पुत्र श्यामलाल और अर्जुन उम्र 48 वर्ष पुत्र लच्छीराम के रूप में हुई है। तीनों आरोपी खतौली के मौहल्ला देवीदास के निवासी बताए गए हैं।
पूछताछ में पुलिस को आरोपियों के नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री से जुड़े होने की जानकारी मिली है। हालांकि पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि बरामद गांजा कहां से लाया गया था और इसे किन लोगों को सप्लाई किया जाना था। पुलिस आरोपियों से जुड़े अन्य लोगों और नशीले पदार्थों की सप्लाई चेन के बारे में भी जानकारी जुटा रही है।
खतौली पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ मु0अ0सं0 306/2026, धारा 8/20 एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है। मामले की विवेचना उपनिरीक्षक लक्ष्यदीप सिंह द्वारा की जा रही है।
इस कार्रवाई को अंजाम देने वाली पुलिस टीम में उपनिरीक्षक तेजवीर सिंह, उपनिरीक्षक रजत सिंह, उपनिरीक्षक ललित तोमर, हेड कांस्टेबल जितेंद्र सिंह, हेड कांस्टेबल धनेश कुमार और कांस्टेबल हेमंत चौधरी शामिल रहे।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि क्षेत्र में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। बरामद गांजे के स्रोत और इसके नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटाने के लिए पुलिस की जांच जारी है।

