अगरतला। त्रिपुरा के पावर इंजीनियर्स संघ ने मंगलवार को राज्य विधानसभा के उपाध्यक्ष बिस्वा बंधु सेन से पिछले हफ्ते एक सार्वजनिक बैठक में इंजीनियरों की बिरादरी के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी के लिए सार्वजनिक माफी की मांग की।
उन्होंने प्रवक्ता रतन चक्रवर्ती, मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा और उपमुख्यमंत्री जिष्णु देव वर्मा से इस मुद्दे को जल्द से जल्द हल करने का आग्रह किया।

श्री सेन ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए इंजीनियरों पर निशाना साधा और कहा, “पीडब्ल्यूडी और बिजली विभाग में काम करने वाले इंजीनियर चोर हैं और उनमें से एक वर्ग सक्रिय रूप से राज्य सरकार की छवि खराब करने की कोशिश कर रहा है। अगले वर्ष प्रचंड बहुमत के साथ भाजपा की सत्ता में वापसी के बाद ऐसी साजिशों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
संघ ने कहा कि सरकार के मिशन को अंजाम देने के लिए इंजीनियर जिम्मेदार टेक्नोक्रेट के रूप में राज्य के विकास के लिए काम कर रहे हैं। एक निर्वाचित प्रतिनिधि का ऐसा अपमानजनक बयान सबसे दुर्भाग्यपूर्ण और शर्मनाक है।

संघ ने बयान में कहा, “यह बयान न केवल इंजीनियरों का मनोबल गिराएगा, बल्कि समाज में इंजीनियरों की स्थिति को भी कम करेगा, जिसका निश्चित रूप से विकास प्रक्रिया पर बुरा प्रभाव पड़ेगा।”
पुलिस सूत्रों ने बताया कि इंजीनियरों के निकाय ने पिछले साल अगस्त में आरोप लगाया कि उत्तरी त्रिपुरा के धर्मनगर में तैनात तीन सरकारी कर्मचारियों पर भाजपा के अनियंत्रित कार्यकर्ताओं ने हमला किया था।
